मोतीपुर चीनी मिल: मुजफ्फरपुर जिले की ऐतिहासिक मोतीपुर चीनी मिल को करीब 30 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद दोबारा चालू करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया काफी तेज हो गई है. इंडियन पोटाश लिमिटेड को लीज पर दी गई कुल 266 एकड़ जमीन की मापी का काम पूरा कर लिया गया है. चार दिनों तक 17 अमीनों की विशेष टीम द्वारा किए गए गहन सीमांकन में 51 एकड़ जमीन पर अवैध अतिक्रमण का खुलासा हुआ है, जबकि 215 एकड़ जमीन पूरी तरह खाली पाई गई है. अंचलाधिकारी तरुण कुमार द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा के बाद अपर समाहर्ता प्रशांत कुमार ने 215 एकड़ खाली भूमि से संबंधित रिपोर्ट गन्ना उद्योग विभाग को भेज दी है.
बखरा मौजा में शत-प्रतिशत अतिक्रमण, पचरूखी की स्थिति बेहतर
प्रशासनिक मापी के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पांच अलग-अलग मौजा में फैली चीनी मिल की जमीन में सबसे अधिक अतिक्रमण बखरा मौजा में पाया गया है. यहां रिकॉर्ड में दर्ज 28.58 एकड़ जमीन पर पक्के मकान, दुकानें और अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं, जहां एक धूर जमीन भी खाली नहीं बची है.
मौजावार जमीन और अतिक्रमण की स्थिति:
- बरियारपुर मौजा: सरकारी रिकॉर्ड में कुल 114.57 एकड़ जमीन दर्ज है, जिसमें से सीमांकन के दौरान केवल 96.48 एकड़ जमीन खाली मिली, जबकि शेष हिस्से पर अवैध कब्जा पाया गया.
- पचरूखी मौजा: यह मौजा सबसे बेहतर स्थिति में है. यहां मोतीपुर जीवछ कॉलेज के सामने स्थित पचरूखी ग्राउंड की 8 एकड़ भूमि में से लगभग 7.3 एकड़ जमीन पूरी तरह खाली और सुरक्षित है.
- बखरा मौजा: 28.58 एकड़ जमीन का पूरा रकबा अतिक्रमण की चपेट में है.
जल्द शुरू हो सकता है जीर्णोद्धार कार्य
खाली पड़ी 215 एकड़ जमीन का ब्योरा विभाग को भेजे जाने के बाद अब बंद पड़ी चीनी मिल के जीर्णोद्धार और संचालन की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
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