जनजीवन हरियाली योजना: थाली में पोषण और खेतों में खुशहाली लाएगा मोरिंगा,इस मॉनसून लगेंगे 3.5 लाख पौधे

जनजीवन हरियाली योजना के तहत मुजफ्फरपुर में मोरिंगा के पौधे लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और कुपोषण दूर होगा।

Muzaffarpur Plantation Drive: जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत इस मॉनसून सीजन में मुजफ्फरपुर जिले में पौधरोपण का एक बड़ा महाअभियान शुरू होने जा रहा है. पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस बार जिले के सरकारी कार्यालयों, प्रमुख सड़कों के किनारे और रैयतों यानी किसानों की निजी जमीन पर कुल 3.5 लाख पौधे लगाने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिला प्रशासन और वन विभाग इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है.

कुपोषण के खिलाफ बड़ा हथियार बनेगा मोरिंगा, किसानों की बढ़ेगी आमदनी

इस बार के पौधरोपण अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें औषधीय गुणों से भरपूर मोरिंगा (सहजन) और पर्यावरण के अनुकूल गेबियन प्रजाति के पौधों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है. जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार पारंपरिक पौधों के साथ-साथ उपयोगिता आधारित कृषि-वानिकी पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. मोरिंगा यानी सहजन का पौधा न सिर्फ बहुत तेजी से बढ़ता है, बल्कि यह कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में भी एक बड़ा हथियार माना जाता है. इसकी पत्तियों और फलियों की बाजार में भारी मांग को देखते हुए किसानों को अपनी निजी रैयती भूमि पर इसे लगाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उनकी आजीविका और आमदनी में भी बंपर बढ़ोतरी हो सके.

गेबियन प्रजाति के पौधों से मिट्टी कटाव रोकने में मिलेगी मदद

वहीं दूसरी ओर, जिले की प्रमुख सड़कों के किनारे और खुली सरकारी जमीनों की सुरक्षा तथा सुंदरीकरण के लिए गेबियन व अन्य मजबूत पौधों का चयन किया गया है. ये पौधे मिट्टी के कटाव को रोकने में बेहद मददगार साबित होते हैं और कम पानी में भी आसानी से जीवित रह सकते हैं. इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल भी सुनिश्चित की जा सके.


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By Prabhat kumar

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