Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के रैंक-4 अधिकारी राघव झुनझुनवाला और तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने छात्रों को सफलता का मंत्र दिया. दोनों अतिथियों ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, अनुशासन अपनाने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया. इस अवसर पर एमआईटी को राज्य का पहला रैगिंग-मुक्त तकनीकी संस्थान घोषित किया गया.
अनुशासन और समय प्रबंधन पर दिया जोर
मुख्य अतिथि तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने घोषणा की कि एमआईटी को निकट भविष्य में विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा. उन्होंने परिसर में रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने छात्रों को नियमित टाइम-टेबल बनाने और प्रतिदिन समय का आकलन करने की भी सलाह दी.
चुनौतियों से घबराएं नहीं : राघव झुनझुनवाला
यूपीएससी 2025 में चौथी रैंक प्राप्त करने वाले आइएएस राघव झुनझुनवाला ने विद्यार्थियों से कहा कि व्यक्ति के सपने उसकी वर्तमान क्षमता से नहीं, बल्कि अपनी क्षमता को विकसित करने के साहस से बड़े होने चाहिए. उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव और चुनौतियां आती हैं, लेकिन धैर्य, दृढ़ता और निरंतर मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
मेधावी छात्रों को मिलेगा विशेष सम्मान
कार्यक्रम में संस्थान की ओर से घोषणा की गई कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टूडेंट ऑफ द ईयर सम्मान शुरू किया जाएगा. साथ ही संस्थान के टॉपर्स की माताओं को उनके त्याग और योगदान के सम्मान में प्रतीकात्मक रूप से फलों से तौलकर सम्मानित किया जाएगा.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रहे उपस्थित
कार्यक्रम के अंत में विद्युत अभियंत्रण, कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. वाई.एन. शर्मा ने अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर संस्थान के रजिस्ट्रार एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीश कुमार, इंडक्शन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अमित कुमार वर्मा, सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.
