मुजफ्फरपुर में डेंगू और मलेरिया रोकने की तैयारी: बाढ़ प्रभावित गांवों में एंटी लार्वल दवा छिड़काव और मुफ्त जांच का आदेश

मुजफ्फरपुर में संभावित बाढ़ और जलभराव से होने वाली गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

Muzaffarpur News: जिले में संभावित बाढ़ और जलभराव के कारण फैलने वाली गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी तरह तेज कर दी हैं. सिविल सर्जन (सीएस) डॉ अजय कुमार ने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जलभराव से प्रभावित गांवों में प्राथमिकता के आधार पर विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं.

एंटी लार्वल छिड़काव और पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता के निर्देश

सीएस डॉ अजय कुमार ने जलभराव वाले स्थानों पर नियमित साफ-सफाई कराने, एंटी लार्वल दवाओं का अनवरत छिड़काव करने और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए समय रहते सभी एहतियाती कदम उठाए जाएं.

औराई, कटरा, मीनापुर और गायघाट में विशेष निगरानी

सीएस ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सर्वाधिक बाढ़ग्रस्त औराई, कटरा, मीनापुर और गायघाट प्रखंडों में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों को नियमित निरीक्षण के लिए भेजा जाए. इन क्षेत्रों में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों में लोगों की मुफ़्त स्वास्थ्य जांच की जाएगी और उन्हें बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाएगा.

जहां रास्ता बंद, वहां नाव से जाकर इलाज करेगी मेडिकल टीम

स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सीएस ने एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य कैंप के साथ-साथ डॉक्टरों की टीम और दवाओं की पूरी व्यवस्था रहेगी. जिन दुर्गम स्थानों पर मरीज खुद चलकर स्वास्थ्य कैंप तक नहीं पहुंच सकते हैं, वहां मेडिकल टीम नाव (Boat) के जरिए खुद पहुंचकर पीड़ितों का इलाज करेगी और उन्हें मुफ्त दवाएं मुहैया कराएगी.

पानी घटते ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, एंबुलेंस अलर्ट मोड पर

सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि जैसे ही बाढ़ का पानी घटना शुरू होगा, संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाएगा. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए मोबाइल मेडिकल टीम, एंबुलेंस सेवा और जीवन रक्षक दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >