'जी राम जी' योजना के तहत अगस्त से चलेगा पौधारोपण अभियान: बांस के पौधों से हरे-भरे होंगे गांव

अगस्त महीने से 'जी राम जी' योजना के तहत जिले में व्यापक पौधारोपण अभियान शुरू होगा. खासकर बांस प्रजाति के पौधों को ग्रामीण इलाकों में लगाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य मिट्टी के कटाव को रोकना और हरित आवरण बढ़ाना है.

Jee Ram Jee: जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण (ग्रीन कवर) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'जी राम जी' योजना के तहत अगस्त महीने से व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा. इस विशेष अभियान के दौरान जिले के विभिन्न इलाकों में बांस प्रजाति के पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा. पौधों को मवेशियों से सुरक्षित रखने के लिए ट्री गार्ड भी लगाए जाएंगे.

ग्रामीण इलाकों में हरियाली बढ़ाने और कटाव रोकने पर जोर

  • प्राथमिकता: योजना के तहत ग्रामीण, जलभराव और मिट्टी के कटाव की संभावना वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी.
  • मिट्टी का संरक्षण: बांस के पौधे पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ मिट्टी के कटाव को रोकने में काफी कारगर साबित होते हैं.
  • गेबियन का उपयोग: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बांस तेजी से बढ़ते हैं और पौधों की सुरक्षा के लिए 'गेबियन' (विशेष सुरक्षात्मक संरचना) का प्रयोग किया जाएगा, जिससे कम समय में हरित क्षेत्र बढ़ेगा.

अगस्त से शुरू होगा सघन अभियान

पर्यावरण और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, मानसून सीजन के कारण अगस्त का महीना पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त है. इस दौरान मिट्टी में नमी रहने से पौधों के जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) काफी अधिक होती है. संबंधित विभागों को पौधे व ट्री गार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण युवाओं को भी जोड़ा जाएगा.

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By प्रभात कुमार

प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.

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