Muzaffarpur Child Marriage: मुशहरी प्रखंड के दिघरा रामपुर शाह गांव में सोमवार को जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की संयुक्त पहल से एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह होने से रोक दिया गया. समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बेटी के बालिग होने से पहले विवाह नहीं कराने का लिखित संकल्प लिया.
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सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
जानकारी के अनुसार, गांव में एक नाबालिग लड़की के विवाह की तैयारी चल रही थी. इसकी सूचना जिला प्रशासन को मिली, जिसके बाद मुशहरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने स्थानीय सरपंच चंदन कुमार से संपर्क किया.
इसके बाद प्रशासनिक टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधि परिवार के घर पहुंचे और माता-पिता से बातचीत की.
समझाया कानून और बेटी का भविष्य
बैठक के दौरान अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि कम उम्र में शादी करना कानूनन अपराध है. साथ ही इससे लड़की की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर भी गंभीर असर पड़ता है.
लगातार समझाने के बाद परिवार प्रशासन की बात से सहमत हो गया.
पिता ने दिया लिखित शपथ पत्र
परिवार के मुखिया ने बीडीओ को लिखित आवेदन और शपथ पत्र सौंपते हुए आश्वासन दिया कि वे अपनी पुत्री का विवाह उसकी कानूनी उम्र पूरी होने के बाद ही करेंगे.
उन्होंने कहा कि बेटी के बालिग होने पर ही पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ विवाह कराया जाएगा.
जनप्रतिनिधियों ने भी की पुष्टि
इस संकल्प पत्र पर पंचायत के सरपंच, लड़की के चाचा, नाना तथा अन्य ग्रामीणों ने भी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए.
स्थानीय सरपंच ने अपने आधिकारिक मुहर के साथ दस्तावेज की पुष्टि कर उसे मुशहरी प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय को सौंप दिया.
समाज के लिए बनी सकारात्मक मिसाल
प्रशासन का कहना है कि बाल विवाह रोकने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
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