लोड बढ़ाया पर वायर नहीं बदला, नतीजा बिजली फॉल्ट

लोड बढ़ाया पर वायर नहीं बदला, नतीजा बिजली फॉल्ट

महीने में आ रहे हैं 150 आवेदन, सर्विस वायर का फॉल्ट हाईटेंशन लाइन को करा देता है ट्रिप वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

गर्मी बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं की बिजली खपत भी बढ़ गयी है. हर साल उपभोक्ताओं के घर में बिजली उपकरण बढ़ने से लोड में भी इजाफा हो रहा है. लेकिन उपभोक्ता तो ऑनलाइन आवेदन देकर घर की बिजली का लोड जुर्माना से बचने के लिए बढ़ा लेते हैं पर वे सर्विस वायर को नहीं बदलवाते. इससे गर्मी में बिजली उपभोक्ताओं के सर्विस कनेक्शन में फॉल्ट की शिकायत आती है. कई बार तो बिजली के पोल लगे डीपी बॉक्स में आग लग जाती है. घर में शॉट सर्किट होने से आग लगने का डर बना रहता है. कभी कभी फॉल्ट इतना तगड़ा हो जाता है कि पूरे फीडर की लाइन (हाइटेंशन) को ट्रिप करा देता है. इससे दूसरे उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति पर असर पड़ता है.

हर महीने 150 से ज्यादा आवेदन

औसतन एक सेक्शन (जूनियर इंजीनियर का क्षेत्र) में प्रतिदिन सर्विस कनेक्शन बदलवाने के लिए कम से कम 3 से 5 उपभोक्ताओं के आवेदन आते हैं. एक माह में करीब 100 से 150 आवेदन एक सेक्शन में आते हैं. ऐसे हालात में उपभोक्ता को अपने कनेक्शन का लोड बढ़ाने के साथ सर्विस वायर को भी बदलना चाहिये. उपभोक्ता हमेशा नये कनेक्शन के समय जो सर्विस वायर लगाते हैं उसी से आपूर्ति लेते हैं. जबकि धीरे-धीरे उनके घर में बिजली का लोड नये उपकरण लगने के बाद बढ़ता जाता है. चार से पांच साल पर सर्विस वायर की गुणवत्ता की जांच इलेक्ट्रिशियन से जरूर करायें. ऐसा नहीं कराने पर शॉट सर्किट होने और आग लगने की आशंका बढ़ जाती है. सर्विस वायर बदलवाने के लिए उपभोक्ता को बिजली कंपनी के कार्यालय में जाकर सर्विस वायर बदलने का आवेदन देकर इसका शुल्क देना होता है जो करीब तीन सौ रुपये से है और उपभोक्ता के लोड व कनेक्शन के हिसाब से शुल्क और बढ़ता है.

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Author: KUMAR GAURAV

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