Lawrence Bishnoi Gang: आधी रात को मोबाइल की घंटी बजी और व्हाट्सएप पर आए एक मैसेज से बिहार के सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया! निशाने पर हैं बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी. खुद को कुख्यात 'लॉरेंस बिश्नोई गैंग' का गुर्गा बताने वाले सिरफिरे ने सीधा फरमान भेजा है—"50 लाख रुपये दो, वरना गोलियों से भून दिए जाओगे." 24 जुलाई की रात 10:20 बजे आए इस एक खौफनाक मैसेज ने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी है. शहर में चार दिनों के भीतर लॉरेंस गैंग के नाम पर रंगदारी का यह तीसरा केस सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार दहशत के साए में जीने को मजबूर है.
24 जुलाई की रात आया व्हाट्सएप संदेश
सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही निवासी कृष्ण मुरारी के मोबाइल पर 24 जुलाई की रात करीब 10:20 बजे अज्ञात नंबर से संदेश आया. भेजने वाले ने खुद को मुंबई के लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए 50 लाख रुपये की मांग की और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी. पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उन्हें इससे पहले भी धमकी मिली थी, जिसकी प्राथमिकी सदर थाने में दर्ज है.
रंगदारी मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई
25 जुलाई को थाने में दिए आवेदन के साथ पीड़ित ने धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट भी सौंपे हैं. सदर थानेदार नवलेश कुमार आजाद के अनुसार:
- मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
- साइबर सेल के माध्यम से संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच और ट्रेसिंग की जा रही है.
- पुलिस यह भी सत्यापित कर रही है कि संदेश भेजने वाले का बिश्नोई गैंग से वास्तविक संबंध है या यह किसी की शरारत है.
चार दिनों में तीसरी प्राथमिकी से हड़कंप
मुजफ्फरपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर चार दिन के भीतर यह तीसरी प्राथमिकी दर्ज हुई है. इससे पहले भाजपा नेता सह जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत सहनी से 50 लाख रुपये और साहेबगंज के एक जिला परिषद सदस्य से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा चुकी है.
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