Extortion Bishnoi Gang: 'बिश्नोई गैंग का आदमी मुंबई से बोल रहा है... दो-तीन दिन में 50 लाख रुपये पहुंचा दो, वरना अंजाम बहुत बुरा होगा!' खौफनाक गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से आए इस इकलौते व्हाट्सएप मैसेज और कॉल ने मुजफ्फरपुर के राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है. निशाना बने हैं बीजेपी नेता, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष और प्रमुख ईंट भट्ठा संचालक रंजीत सहनी. रंगदारी न देने पर पूरे परिवार को गोलियों से भूनने और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है, जिसके बाद से पीड़ित परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है. मामला दर्ज होते ही पुलिस और साइबर सेल की टीमें हरकत में आ गई हैं.
व्हाट्सएप पर मिली धमकी और अल्टीमेटम
अपराधियों ने 21 जुलाई को एक अनजान नंबर से रंजीत सहनी के व्हाट्सएप पर लगातार मैसेज और वॉइस कॉल किए. डीपी में 'लॉरेंस विश्नोई ग्रुप' का नाम और फोटो लगा हुआ है. अपराधी ने लिखा— "बिश्नोई गैंग से बोल रहे हैं, दो-तीन दिनों में 50 लाख रुपये चाहिए. बात किसी से शेयर की तो बच्चों को नुकसान पहुंचेगा." जब नेता ने जवाब नहीं दिया तो देर रात फिर मैसेज आया— "क्या रे नेता, मेरा मैसेज सीन क्यों नहीं कर रहा?"
'घर का विभीषण लंका ढाए' का दिया हवाला
- पारिवारिक विवाद का संकेत: अपराधी ने मैसेज में लिखा, "तुम्हारे ही घर के विभीषण राज खोल रहे हैं, घर का विभीषण लंका ढाए, यही हाल तुम्हारा है."
- सबूत सौंपे: पीड़ित ने व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई है.
जांच में जुटी पुलिस और साइबर सेल
ब्रह्मपुरा थानेदार विपिन कुमार रंजन ने बताया कि केस दर्ज कर संबंधित नंबर को सर्विलांस पर डाल दिया गया है. पुलिस और साइबर सेल की टीम लोकेशन, आईपी एड्रेस और व्हाट्सएप अकाउंट की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह किसी स्थानीय व्यक्ति की शरारत है या वास्तव में आपराधिक गिरोह का हाथ है.
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