छात्रा हमला मोतीपुर: मुजफ्फरपुर जिले के बरूराज थाना क्षेत्र अंतर्गत स्कूल में परीक्षा देने जा रही दो छात्राओं पर बाइक सवार अज्ञात बदमाश द्वारा किए गए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस महकमा एक्शन मोड में आ गया है. मंगलवार को एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र खुद कमालपुर बिथरौल गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया. साथ ही बरूराज थानाध्यक्ष कुणाल कुमार कश्यप को मामले की हर पहलू से गहन जांच करने के सख्त निर्देश दिए.
पीड़िता और परिजनों से दो घंटे तक पूछताछ, इलाके में दहशत
एसएसपी के आगमन से पूर्व डीएसपी पश्चिमी-1 सुचित्रा कुमारी ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार से घटना की विस्तृत जानकारी ली. इसके बाद पुलिस टीम पीड़िताओं को लेकर बरूराज थाने पहुंची, जहां करीब दो घंटे तक उनसे पूछताछ की गई. हालांकि, पुलिस की पूरी कार्रवाई अब तक महज प्राथमिकी दर्ज करने से आगे नहीं बढ़ सकी है. इस भयावह वारदात के बाद से पीड़ित छात्राओं और उनके परिवार में गहरा खौफ है. दहशत के कारण परिजन और छात्राएं खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं.
स्कूल और कोचिंग पहुंचे थानाध्यक्ष, सीसीटीवी और मोबाइल जांच के दायरे में
मामले की तह तक जाने के लिए थानाध्यक्ष कुणाल कुमार कश्यप जख्मी छात्राओं के विद्यालय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनोहर छापड़ा पहुंचे और प्राचार्य से आवश्यक जानकारी जुटाई. इसके बाद पुलिस टीम छात्राओं के कोचिंग संस्थान भी गई.
- तकनीकी साक्ष्य: पुलिस ने पीड़ित छात्राओं के घर के मोबाइल फोन को जांच के दायरे में लिया है.
- सीसीटीवी फुटेज: बदमाश की पहचान और रूट ट्रेस करने के लिए अहिरौलिया चौक समेत आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है.
परिजनों ने पुलिस के ब्लेड वाले दावे को नकारा
जख्मी छात्रा कंचन कुमारी के पिता लक्ष्मण राम ने पुलिस के उस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें हमले में ब्लेड इस्तेमाल होने की बात कही गई थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि परिजनों ने कभी ब्लेड से हमले की बात नहीं कही.
- अंजू कुमारी के कंधे और पीठ पर गहरे जख्म हैं, जहां कई टांके लगे हैं.
- कंचन कुमारी के शरीर पर 10 से भी अधिक टांके आए हैं, जो साफ तौर पर चाकू का हमला दर्शाता है.
- परिजनों ने मामले को हल्का करने का आरोप लगाते हुए आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है.
एसएसपी की प्रेस विज्ञप्ति में गलत एफआईआर संख्या से हड़कंप
इस संवेदनशील मामले में पुलिस की लापरवाही तब उजागर हो गई जब एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में गलत एफआईआर संख्या (179/2026) दर्ज कर दी गई. रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि यह प्राथमिकी हठिलवा गांव से लापता एक विवाहिता की गुमशुदगी से जुड़ी है. मामला उजागर होते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया और इसे आनन-फानन में 'मानवीय टंकण त्रुटि' करार दिया गया. थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि छात्राओं पर हमले का वास्तविक केस संख्या 181/2026 है.
राजनीतिक दलों ने साधा निशाना, निष्पक्ष जांच की मांग
आधुनिक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विजयेश और बसपा नेता जावेद अहमद ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी. नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस शिथिल पड़ चुकी है और अपराधी को पकड़ने के बजाय चाकू के गंभीर घाव को ब्लेड का बताकर मामले को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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