चीखते रहो चिल्लाते रहो, मोमबत्ती और पुतला जलाते रहो

keep the candles and effigies lit

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर नवयुवक समिति के सभागार में रविवार को नटवर साहित्य परिषद की ओर से मासिक कवि गोष्ठी सह मुशायरा का आयोजन किया गया. कवि गोष्ठी की अध्यक्षता सत्येन्द्र कुमार सत्येन व मंच संचालन डाॅ नर्मदेश्वर चौधरी ने किया. कवि गोष्ठी की शुरुआत आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री के गीत से किया गया. इसके बाद कवि ओमप्रकाश गुप्ता ने चीखते रहो और चिल्लाते रहो, मोमबती और पुतला जलाते रहो सुनाकर भरपूर दाद बटोरी. शायर डाॅ नर्मदेश्वर मुजफ्फरपुरी ने करीब मौत खड़ी है जरा ठहर जाओ, कजा से आंख लड़ी है जरा ठहर जाओ सुनाकर तालियां ली. इस मौके पर कवि अंजनी कुमार पाठक सत्येंद्र कुमार सत्येन, मुन्नी चौधरी, अशोक भारती, अरुण कुमार तुलसी, डाॅ जगदीश शर्मा, रामबृक्ष राम चकपुरी, श्रवण कुमार, राजीवेंद्र किशोर, श्याम पोद्दार, नंदकि शोर प्रसाद, पल्लव कुमार सुमन व अर्जुन कुमार की रचनाएं भी सराही गयी.

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लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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