:Agriculture Corruption News: कटरा प्रखंड क्षेत्र में कृषि इनपुट अनुदान योजना (रबी 2025-26) में सरकारी राशि की धांधली और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है. जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर होने के बाद कटरा प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के निर्देश पर संबंधित कृषि समन्वयक के खिलाफ कटरा थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस केस दर्ज कर मामले की आगे की कार्रवाई में जुट गई है.
फर्जी दस्तावेजों और जाली दस्तखत से स्वीकृत कराए आवेदन
सहकारिता प्रसार पदाधिकारी की स्थलीय जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कृषि समन्वयक प्राणवंत ने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध आवेदनों को पास किया.
- अवैध आवेदक: मिथलेश शर्मा, लालबाबू शर्मा और रीना देवी के स्व-घोषणा पत्रों पर फर्जी गवाहों के गलत मोबाइल नंबर दर्ज थे.
- जाली हस्ताक्षर: वार्ड सदस्य संजीव कुमार सिंह के जाली (फर्जी) दस्तखत बनाकर इन अवैध आवेदनों को कृषि समन्वयक द्वारा स्वीकृत कर दिया गया.
50 प्रतिशत रिश्वत न देने पर किसान का आवेदन किया रिजेक्ट
जांच रिपोर्ट में वास्तविक किसानों के उत्पीड़न की बात भी साबित हुई है. योग्य रैयत किसान रामप्रीत सहनी ने अपने वैध भू-लगान रसीद प्रस्तुत किए थे. इसके बावजूद कृषि समन्वयक ने स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा रिश्वत के रूप में मांगा. जब किसान ने घूस देने से इनकार किया, तो दुर्भावनापूर्ण तरीके से उनके आवेदन को 'नॉट फार्मिंग' दर्शाते हुए खारिज कर दिया गया.
बीडीओ के निर्देश पर कटरा थाने में दर्ज हुई एफआईआर
फर्जीवाड़े, दस्तावेजों में हेरफेर और रिश्वतखोरी की पुष्टि होने के बाद कटरा बीडीओ ने थानेदार को पत्र भेजकर दोषी कृषि समन्वयक पर प्राथमिकी दर्ज कराई. कटरा पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से छानबीन की जा रही है.
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