पेट भरने के लिए करतब में पति का सहयोग करने वाली कांता की जंक्शन पर मौत

Kanta dies at the junction

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिंदगी का तमाशा खत्म हुआ तो अंतिम संस्कार के लिए भीख मांगने की नौबत आ गयी. मुजफ्फरपुर जंक्शन पर कुछ ऐसा ही दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला, जब राजस्थान के पाली से आए एक जादूगर परिवार की मुखिया कांता देवी (65) की बीमारी से मौत हो गयी. उनके पति मदन लाल भाट, जो छोटे-मोटे करतब दिखाकर जीवन गुजारते थे, उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार कर सकें. ऐसे में राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) ने इंसानियत का परिचय देते हुए न सिर्फ सहयोग राशि जुटायी, बल्कि सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार भी सुनिश्चित कराया. जानकारी के मुताबिक, कांता देवी और मदन लाल भाट पिछले दो दिनों से मुजफ्फरपुर जंक्शन पर थे. कांता देवी काफी बीमार थीं, लेकिन पैसों की कमी के कारण उनका इलाज नहीं हो पा रहा था. ये दोनों पति-पत्नी जगह-जगह घूमकर जादू और तमाशे दिखाकर अपना पेट पालते थे. गुरुवार सुबह कांता देवी ने प्लेटफॉर्म-1 पर ही अंतिम सांस ली. पत्नी की मौत के बाद मदन लाल भाट पूरी तरह से टूट गए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Lalitansoo

ललितांशु, पत्रकारिता के क्षेत्र में बीते 16 वर्षों से सक्रिय ललितांशु के लिए 'पॉजिटिव खबरों' को चुनना और उन्हें समाज के सामने लाना प्राथमिकता और जुनून रहा है. रेल और सोशल मीडिया से जुड़ी खबरों से इनका अधिक जुड़ाव है.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >