vulgar songs: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर जिज्ञासा नगर स्थित 'जिज्ञासा क्लब' ने समाज और बच्चों में तेजी से फैल रहे अश्लील एवं आपत्तिजनक गानों के दुष्प्रभावों के खिलाफ एक विशेष जागरूकता अभियान का आक्रामक आगाज किया है. यह अभियान बच्चों की मानसिक सेहत और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू किया गया है, ताकि आधुनिक चकाचौंध में नैतिक मूल्यों का पतन रोका जा सके.
Teacher's Day: संस्था की अनूठी पहल और मुख्य उद्देश्य
संस्था की प्रेरक व समाजसेवी श्रीमती रेखा रानी और कार्यक्रम संयोजक सामाजिक कार्यकर्ता मनीष कुमार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ, सकारात्मक और संस्कारपूर्ण माहौल प्रदान करना है. क्लब का मानना है कि बच्चों के संपूर्ण और संतुलित विकास के लिए केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि सही संगति, अनुशासन और उच्च कोटि का रचनात्मक मनोरंजन भी बेहद जरूरी है.
अश्लील संगीत का बच्चों की मानसिकता पर असर
आयोजकों ने चिंता जताई कि मौजूदा दौर में परोसे जा रहे फूहड़ और अश्लील गाने मासूम बच्चों की कोमल मानसिकता पर बहुत गहरा और बुरा असर डाल रहे हैं. इस तरह का आपत्तिजनक संगीत उनकी सोच को दूषित कर रहा है, जिससे समाज में नकारात्मकता बढ़ रही है. इसी विकृति को रोकने के लिए यह सामाजिक मुहिम छेड़ी गई है.
विभिन्न क्षेत्रों में चलेगा साप्ताहिक अभियान
यह जागरूकता अभियान नगर पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों में अगले तीन से चार महीनों तक लगातार साप्ताहिक रूप से चलाया जाएगा. संस्था ने सभी शिक्षकों, जागरूक अभिभावकों और युवाओं से पुरजोर अपील की है कि वे बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक गाने बजाने से पूरी तरह परहेज करें और उन्हें एक जिम्मेदार वसंस्कारवान नागरिक बनाने का संकल्प लें.
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