इंस्टाग्राम रील्स का 'मायाजाल': यूरोप के रईस दूल्हे पर आया दिल, फर्जी वीजा थमाकर युवती से ऐंठे 2.20 लाख रुपये

इंस्टाग्राम रील्स पर रईस राजकुमार मिलने का सपना देखना एक युवती को भारी पड़ गया. एक 'डिजिटल ठग' ने उसे यूरोप ले जाने और आलीशान जिंदगी का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए. यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

Cyber Fraud Case: सोशल मीडिया पर प्यार और शादी के सुनहरे सपने दिखाकर कंगाल बनाने वाले 'डिजिटल ठगों' का जाल लगातार फैलता जा रहा है. ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है. यहां इंस्टाग्राम पर रील्स देखने के दौरान एक युवती को ऐसा 'सपनों का राजकुमार' मिला, जिसने जिंदगी संवारने के नाम पर उसे लाखों का चूना लगा दिया. आरोपी ने युवती को यूरोप ले जाकर शादी करने और वहां महारानी जैसी आलीशान जिंदगी जीने का झांसा दिया. इसके बाद वीजा और पासपोर्ट के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 2.20 लाख रुपये ऐंठकर रफूचक्कर हो गया. जब ठगी का अहसास हुआ तो पीड़िता थाने पहुंची, जहां से उसे साइबर सेल भेज दिया गया है.

रील से शुरू हुई 'रईस' की प्रेम कहानी

पीड़िता के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले वह इंस्टाग्राम पर रील्स स्क्रॉल कर रही थी. इसी बीच उसकी नजर शादी से जुड़े एक वीडियो पर पड़ी, जिसमें एक मोबाइल नंबर दिया गया था. उत्सुकतावश युवती ने उस नंबर पर संपर्क किया, जिसके बाद उसकी बातचीत आरोपी युवक से शुरू हो गई. खुद को जाल में फंसता देख शातिर युवक ने अपनी रईसी का झूठा जाल बुना. उसने दावा किया कि वह यूरोप में रहता है और वहां उसका एक बहुत बड़ा चमचमाता कार शोरूम है.

भरोसा जीता, फिर बैंक खाते में मंगाए लाख रुपये

युवक ने मीठी-मीठी बातों से युवती का पूरी तरह भरोसा जीत लिया और उसके सामने शादी का आकर्षक प्रस्ताव रख दिया. विदेशी दूल्हा और आलीशान जिंदगी के सपने देख रही युवती भी उसके बहकावे में आ गई. जब विश्वास पक्का हो गया, तो आरोपी ने कहा कि वह उसे यूरोप बुलाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रहा है. उसने वीजा, पासपोर्ट और अन्य कागजी खर्चों के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 2 लाख 20 हजार रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए.

व्हाट्सएप पर आया 'फर्जी' पासपोर्ट-वीजा

पैसे ऐंठने के बाद भी युवती को कोई शक न हो, इसके लिए शातिर ठग ने व्हाट्सएप पर बकायदा वीजा और पासपोर्ट की कॉपियां भेज दीं. इन दस्तावेजों पर नकली आधिकारिक मुहरें भी लगी हुई थीं. हालांकि, जब युवती ने इन कागजातों की सत्यता जांचने के लिए एक्सपर्ट्स से इनकी जांच कराई, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. सारे दस्तावेज पूरी तरह फर्जी (एडिटेड) निकले. तब जाकर युवती को समझ आया कि वह एक बड़े इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुकी है.

मामला पहुंचा साइबर थाने के पास

काजीमोहम्मदपुर के थानेदार चंद्रभूषण प्रसाद सिंह ने बताया कि पीड़िता अपनी शिकायत लेकर थाने आई थी. हालांकि, उस समय उसके पास ट्रांजैक्शन की पूरी डिटेल्स और पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे. चूंकि यह ऑनलाइन ठगी का मामला एक लाख रुपये से अधिक का है, इसलिए नियमों के मुताबिक पीड़िता को उचित कानूनी कार्रवाई और तकनीकी जांच के लिए साइबर थाने भेज दिया गया है, जहां मामले की तफ्तीश की जा रही है.


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लेखक के बारे में

चंदन सिंह बीते 12 सालों से क्राइम रिपोर्टिंग की दुनिया में सक्रिय हैं. 2016 से लगातार प्रभात खबर के साथ काम कर रहे हैं. इससे पहले दैनिक जागरण और भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के लिये योगदान दे चुके हैं. क्राइम रिपोर्टिंग में इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म पर अधिक फोकस. पत्रकारिता में मास्टर्स की पढ़ाई की है.
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