Govind Murder Case: प्रेमिका की हत्या का बदला और जमीन विवाद, ऐसे मारा गया शूटर गोविंद शर्मा

Govind Murder Case: मुजफ्फरपुर के चर्चित गोविंद शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में प्रेमिका की हत्या का बदला, जमीन विवाद और आर्थिक टकराव की बात सामने आई है. मास्टरमाइंड बाबुल चौधरी और मुख्य शूटर को गिरफ्तार किया गया है, कई अन्य रडार पर हैं. पढे़ं पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट

Govind Murder Case: नगर थाना क्षेत्र के अमर सिनेमा रोड स्थित आइकॉन टावर अपार्टमेंट में हुए कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा की हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. प्रेमिका के मर्डर का बदला व जमीन कारोबार में वर्चस्व को लेकर गोविंद की हत्या की गयी थी. हत्याकांड का मास्टरमाइंड कुढ़नी का रहनेवाला कुख्यात अपराधी रविकांत उर्फ बाबुल चौधरी ने रची थी. जिसको बिहार एसटीएफ की टीम ने दरभंगा एयरपोर्ट के पास से गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मुख्य शूटर पारू के रहने वाले सौरभ कुमार को पूर्वी चंपारण जिला के रक्सौल बॉर्डर से दबोचा गया है. इससे पहले वह दो बार बैंक लूट केस में जेल भी जा चुका है. गिरफ्तार दोनों से नगर थाने पर सौरभ की निशानदेही पर एसआइटी व एसटीएफ ने लंबी पूछताछ की है. उनकी निशानदेही पर पुरानी गुदरी रोड में मनीष कुमार के घर से एक खून लगी शर्ट बरामद की गयी है. 

दो महीने पहले से चल रही थी प्लानिंग

पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. बाबुल का कहना है कि हाल के दिनों में गोविंद उसको जमीन कारोबार के दौरान परेशान कर रहा था. उसकी जमीन की डील होने नहीं देता था. विवि में ठेकेदारी को लेकर वर्चस्व चल रहा था. वहीं, सौरभ कुमार जिसकी प्रेमिका आयशा खान की दरभंगा जिले के जाले में गोली मारकर दो साल पहले हत्या की गयी थी. सौरभ को शक था कि गोविंद ने ही उसकी प्रेमिका को गोली मारी थी. इसके अलावा सौरभ के कुछ रुपये भी गोविंद के पास थे, जो गोविंद वापस नहीं कर रहा था. उसी का बदला लेने के लिए बाबुल चौधरी के साथ मिलकर दो महीने पहले गोविंद की हत्या की साजिश रची थी. फिर, फूल प्रूफ प्लानिंग के साथ उसकी आइकॉन टावर अपार्टमेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. 

सिटी एसपी ने किया मामले का खुलासा

मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि मास्टरमाइंड बाबुल चौधरी व प्रमुख शूटर सौरभ कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले कांड में प्राथमिकी अभियुक्त कुमार रंजय ओंकार को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था. हत्या में शामिल अन्य शूटरों को भी चिन्हित कर लिया गया है. उनकी गिरफ्तारी को लेकर एसआइटी व एसटीएफ की टीम अहियापुर, मोतीपुर ,पूर्वी चंपारण व वैशाली में छापेमारी कर रही है. 

अब समझिये कैसे मर्डर को दिया गया अंजाम…

गोविंद की रेकी के लिए बाबुल ने सौरभ को दिलाया था फ्लैट

सिटी एसपी ने बताया कि गोविंद की हत्या करने के लिए बाबुल चौधरी ने ही सौरभ कुमार को आइकॉन टावर अपार्टमेंट के फोर्थ फ्लोर पर फ्लैट नंबर 406 दिलाया था. सौरभ ने अपार्टमेंट के मैनेजर को जो आधार कार्ड दिया था उसमें अपने गांव व पिता का नाम बदल दिया था. 14 हजार के महीने पर छात्र बनकर सौरभ ने फ्लैट लिया. इसके लिए 28 हजार डिपोजिट भी बाबुल ने ही किया था. 15 मई से ही सौरभ व एक अन्य शूटर फ्लैट में रहकर गोविंद की रेकी कर रहे थे. 

हत्या में चार पिस्टल का शूटरों ने किया था इस्तेमाल

गोविंद की हत्या से एक दिन पहले बाबुल चौधरी ने 30 मई की रात ही चार पिस्टल लाकर सौरभ को दिया था. हत्या की रात बाबुल चौधरी बुलेट बाइक से गोविंद शर्मा की रेकी कर रहा था. जैसे ही वह अपनी कार से अपार्टमेंट के अंदर घुसा कि बाबुल ने सौरभ व दूसरे शूटर को अलर्ट कर दिया. बेसमेंट में कार पार्क करने के बाद गोविंद सीढ़ी चढ़कर जैसे ही सेकेंड फ्लोर स्थित अपने फ्लैट की ओर बढ़ा कि शूटरों ने दोनों हाथों से गोविंद पर गोलियां बरसना शुरू कर दिया. गोविंद पर 24 गोलियां चलायी गयी थी. 

गोली लगने के बाद भी पांच मिनट तक शूटरों से की हाथापाई

पुलिस की पूछताछ के दौरान यह बात सामने आयी है कि गोली लगने के बाद भी वह पांच मिनट तक दोनों शूटरों से हाथापायी करता रहा. उसकी पिस्टल छीनने का प्रयास किया. इस दौरान सौरभ जो शर्ट पहना था उसमें खून लग गया. गोविंद को गिराने के लिए सिर में गोली मारी. जब वह जमीन पर गिर गया इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए. 

दोस्त को कहा शर्ट में आग लगा देना

गोविंद की हत्या करने के बाद दोनों शूटर पैदल ही महराजी पोखर होते हुए पुरानी गुदरी में अपने दोस्त मनीष के घर पहुंचा. वहां खुन लगी शर्ट को निकाल कर सौरभ ने मनीष को दिया और बोला कि इसको आग लगा देना. साथ ही पिस्टल को बोला कि बाबुल आएगा तो उसको सौंप देना. रात में दोनों शूटर वहां पर रुके फिर, अगली सुबह फरार हो गए. 

जमीन का था विवाद

गोविंद व बाबुल चौधरी पूर्व में दोनों पार्टनर थे. लेकिन, हाल के दिनों में मिठनपुरा थाना के मदनानी गली में तीन कट्ठा व कलमबाग चौक पर 15 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. बाबुल चौधरी का कहना है कि जब भी वह जमीन बेचने के लिए जाता था तो गोविंद वहां अड़ंगा लगा देता था. ग्राहक को डराता था. वह रुपये की डिमांड करता था. कहता था कि उससे बिना पूछे जमीन बेचा तो हत्या कर देगा. विवि में भी ठेकेदारी नहीं करने देता था. 

बाबुल ने कहा, मैं नहीं मारता तो गोविंद मुझे मार देता

बाबुल चौधरी ने पूछताछ के दौरान सिटी एसपी को बताया कि वह अगर गोविंद को नहीं मारता तो उसको वह मार देता. उसने अपने ऑडियो का भी समर्थन किया है. बाबुल का कहना है कि उसने खुद इस ऑडियो को वायरल किया. पुलिस का कहना है कि वायरल ऑडियो की जांच करायी गयी तो वह बाबुल का निकला. 

गोविंद की डॉक्टर गर्लफ्रेंड की भूमिका पर जांच जारी

सिटी एसपी ने बताया कि हत्या में प्राथमिकी अभियुक्त पटना की डॉक्टर जैसमिन परवीन की भूमिका की जांच की जा रही है. अब तक की पूछताछ के दौरान महिला डॉक्टर की डायरेक्ट संलिप्तता सामने नहीं आयी है. उसकी कॉल डिटेल्स व अन्य टेक्निकल सुराग तलाशे जा रहे हैं. फिलहाल व गिरफ्तारी की डर से फरार चल रही है. पुलिस टीम उसके ठिकाने पर रेड कर रही है. 

शूटरों से कराया गया सीन रिक्रिएट

सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी व नगर एएसपी वन सुरेश कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ व एसआइटी की टीम ने शूटर व मास्टरमाइंड को लेकर पुरानी गुदरी से लेकर आइकॉन प्लाजा तक सीन रीक्रिएट किया. कैसे गोविंद की हत्या करने के बाद दोनों शूटर वहां से भागकर पुरानी गुदरी स्थित मनीष के घर पहुंचा. फिर वहां रात में रुके. मनीष के घर के पीछे कचरे के ढेर से एक खून लगा शर्ट भी बरामद किया गया है. जिसको एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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