नगर आयुक्तों को कड़ा पत्र, अधूरे नालों को मुख्य नाले से जोड़ने का आदेश, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी

मानसून के दौरान होने वाले जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए नगर विकास विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. सभी नगर निकायों को अधूरे सहायक नालों को तुरंत मुख्य नालों से जोड़ने का आदेश जारी किया गया है. निर्माण में लापरवाही पर अधिकारियों पर कार्रवाई होगी.

Monsoon Drainage Action:  मानसून के दौरान शहरी इलाकों में होने वाले भीषण जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों के नगर आयुक्तों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश जारी किया है. सरकार के संयुक्त सचिव संजय कुमार द्वारा जारी इस आधिकारिक पत्र में साफ कहा गया है कि नगर निकाय क्षेत्रों में जितने भी अधूरे या निर्माणाधीन सहायक नाले (ड्रेन) हैं, उन्हें तुरंत सूचीबद्ध किया जाए और एक निश्चित समय-सीमा के भीतर मुख्य नाले से जोड़कर उनका निर्माण कार्य हर हाल में पूरा किया जाए.

अधूरे नालों के कारण गंभीर हो रही जलजमाव और गंदगी की समस्या

विभागीय निर्देश में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि सहायक नालों के अधूरे रहने और मुख्य नालों से कनेक्टिविटी (संपर्कता) नहीं होने के कारण जल निकासी पूरी तरह बाधित हो रही है. इससे न केवल सड़कों और रिहायशी मोहल्लों में गंदे पानी का ठहराव हो रहा है, बल्कि पानी का सही बहाव न होने से स्वच्छता व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है. खासकर, मानसून के इस वर्तमान सीजन में यह समस्या अत्यधिक विकराल और गंभीर रूप धारण कर लेती है, जिससे आम जनता को नारकीय स्थिति और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

समय-सीमा तय कर ठोस कार्ययोजना बनाने का अंतिम आदेश

सरकार ने इससे पहले 17 जून को जारी पत्र का हवाला देते हुए अधिकारियों को पुनः स्मरण कराया है कि वे इस महत्वपूर्ण काम में बिल्कुल भी ढिलाई न बरतें. सभी निकायों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के ऐसे सभी अधूरे नालों की पहचान कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें. इस कार्ययोजना के तहत एक तय समय-सीमा के भीतर इन सभी सहायक नालों को मुख्य नालों से जोड़ने का काम पूरा करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि बारिश के पानी की सुचारू निकासी हो सके और आम जनता को जलजमाव से तत्काल राहत मिल सके.


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लेखक के बारे में

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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