मां की डांट से नाराज इंटर की छात्रा पहुंची लुधियाना, नौकरी के लिए समस्तीपुर में ऑटो चालकों के चंगुल में फंसी, मुजफ्फरपुर की महिला ने ऐसे बचाई जान

मां की एक डांट से नाराज होकर घर से भागी इंटर की छात्रा लुधियाना तक पहुंची. नौकरी न मिलने पर लौटते समय समस्तीपुर में ऑटो चालकों के बीच अकेली भटक गई. एक महिला की सतर्कता ने उसे बचा लिया, पर थाने में परिजनों को देखकर उसने घर जाने से इनकार कर दिया.

Muzaffarpur News: मां की एक मामूली डांट ने एक परिवार की जिंदगी चार दिनों के लिए बेचैनी और डर में बदल दी. इंटर की छात्रा गुस्से में घर छोड़कर निकल गई. नौकरी की तलाश में लुधियाना तक पहुंची, लेकिन काम नहीं मिला. लौटते समय वह समस्तीपुर स्टेशन पर अकेली, भूखी और असहाय भटक रही थी. इसी दौरान वह कुछ ऑटो चालकों के बीच पहुंच गई. तभी एक जागरूक महिला की सतर्कता ने उसे संभावित खतरे से बचा लिया.

सोमवार को जब छात्रा को मुजफ्फरपुर सदर थाना लाया गया और परिजन पहुंचे, तब कहानी ने नया मोड़ ले लिया. मां और भाई को देखते ही छात्रा ने घर जाने से साफ इनकार कर दिया. पुलिस के समझाने पर भी वह नहीं मानी और खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगी.

मां की डांट के बाद छोड़ दिया था घर

पियर थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा को चार दिन पहले उसकी मां ने किसी बात पर डांट दिया था. इससे नाराज होकर वह बिना किसी को बताए घर से निकल गई और लुधियाना जाने वाली ट्रेन पकड़ ली. वहां नौकरी की काफी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद वह वापस लौटते हुए समस्तीपुर पहुंची, जहां रविवार रात स्टेशन और आसपास के इलाके में भटकती रही.

ऑटो चालकों के बीच पहुंची तो महिला को हुआ शक

रोजगार की तलाश में भटक रही छात्रा वहां मौजूद कुछ ऑटो चालकों से काम मांगने लगी. तभी मुजफ्फरपुर की एक महिला की नजर उस पर पड़ी. छात्रा की स्थिति और आसपास के लोगों के व्यवहार को देखकर महिला को आशंका हुई. उसने सूझबूझ से छात्रा को वहां से अपने साथ निकाला और सुरक्षित मुजफ्फरपुर लाकर सदर थाना पुलिस के हवाले कर दिया.

थाने में परिजनों को देखकर बिगड़ गई स्थिति

सदर थानेदार नवलेश कुमार आजाद ने छात्रा के परिजनों को सूचना देकर बुलाया. मां और भाई के पहुंचते ही छात्रा भावुक हो गई और उनके साथ घर लौटने से इनकार कर दिया. पुलिस के अनुसार, समझाने के दौरान उसने खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी किया. महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने काफी देर तक समझाया, जिसके बाद छात्रा अपनी मौसी के घर जाने के लिए तैयार हुई.

सदर थानेदार नवलेश कुमार आजाद ने बताया कि परिजनों की मौजूदगी में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद छात्रा को उसकी इच्छा के अनुरूप मौसी के घर भेज दिया गया.


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Author: Chandan

Published by: Sarfaraz Ahmad

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