मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: शहर के घिरनी पोखर क्षेत्र में चल रहे जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य के बीच वर्षों से दुकान चला रहे सब्जी विक्रेताओं को बड़ी राहत मिली है. अपनी रोजी-रोटी पर संकट की आशंका से चिंतित दुकानदारों को पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी और नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) के नवनिर्वाचित सदस्यों ने आश्वस्त किया है कि किसी भी परिस्थिति में उन्हें उजड़ने नहीं दिया जाएगा.
40 वर्ष पुरानी सब्जी मंडी को बचाने का भरोसा
घिरनी पोखर क्षेत्र में करीब चार दशक से संचालित सब्जी मंडी के अस्तित्व पर संकट की आशंका को देखते हुए पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की.
बैठक में नेताओं ने स्पष्ट कहा कि वे “गरीबी हटाने वाले हैं, गरीब हटाने वाले नहीं”. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के कारण दुकानों का आकार छोटा करना पड़े तो किया जा सकता है, लेकिन दुकानदारों को व्यवसाय के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना ही होगा.
नगर निगम से समाधान निकालने का आश्वासन
पूर्व विधायक और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी नगर निगम की रीढ़ है और वे दुकानदारों की समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त, मेयर और जिला प्रशासन से बातचीत कर सकारात्मक समाधान निकालेंगे.
उन्होंने दुकानदारों से शांति बनाए रखने और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील भी की.
पार्षद की टिप्पणी पर भड़के व्यापारी
बैठक के दौरान स्थानीय पार्षद की एक कथित विवादित टिप्पणी को लेकर व्यापारियों में नाराजगी देखी गई. दुकानदारों ने इसका विरोध जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी.
हालांकि, स्टैंडिंग कमेटी और पूर्व विधायक द्वारा दिए गए भरोसे के बाद दुकानदारों में राहत और उम्मीद का माहौल देखा गया.
वेंडिंग जोन की मांग हुई तेज
गरीब दुकानदारों के पुनर्वास की मांग
घिरनी पोखर के सौंदर्यीकरण कार्य के बीच प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की मांग भी तेज हो गई है.
उप महापौर डॉ. मोनालिसा ने नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे गरीब दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाया जाए.
उन्होंने कहा कि शहर की सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण गरीब व्यवसायियों की आजीविका की रक्षा करना भी है.
प्रशासनिक निर्णय पर टिकी निगाहें
अब दुकानदारों और स्थानीय लोगों की निगाहें नगर निगम और प्रशासन के आगामी निर्णय पर टिकी हैं. व्यापारियों को उम्मीद है कि सौंदर्यीकरण के साथ-साथ उनके पुनर्वास और रोजगार की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी.
