Muzaffarpur News: राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को जिला समाहरणालय परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल ने किया. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट और जांच कर रही एसआईटी को भंग कर सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराने की मांग की.
कांग्रेस ने ट्रस्ट की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
धरना को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं और श्रद्धालु मंदिरों में दान करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों में प्राप्त दान और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता होनी चाहिए. उन्होंने श्री गरीबनाथ मंदिर में प्राप्त होने वाले चंदे का सार्वजनिक हिसाब जारी करने तथा ट्रस्ट में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की.
सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग
जिला प्रवक्ता समीर कुमार ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वर्तमान जांच व्यवस्था में बदलाव जरूरी है. ज्ञापन में मांग की गई कि राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट और एसआईटी को भंग कर सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में जांच कराई जाए. साथ ही राम मंदिर न्यास समिति की जिम्मेदारी शंकराचार्य के नेतृत्व में गठित अखाड़ों और संतों की समिति को सौंपने की मांग भी रखी गई.
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में एआईसीसी सदस्य उमेश कुमार राम, महिला जिलाध्यक्ष जूही प्रीतम, पूर्व विधायक बालेंद्र सिंह, अमरेंद्र चौधरी, मो. आमिर, ललित यादव, रामइकबाल राय, राम प्रवेश पाल, मनोज सिंह, मोजक्कीर रहमान, लक्ष्मण ठाकुर, प्रभात चंद्र, धनेश्वर कुमार यादव, गुलाम मैनुद्दीन, विकास टुल्लु, रितेश सिंह संजु, मोहन पासवान, मो. मुंतज़िर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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