Muzaffarpur flood: मुजफ्फरपुर बागमती नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के कारण कटरा प्रखंड में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है. नदी की तेज धार के कारण क्षेत्र की लाइफलाइन माना जाने वाला मुख्य पीपा पुल बह गया है. इस हादसे के कारण करीब 15 पंचायतों का सीधा संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है.
2 किमी के सफर के लिए 25 किमी का चक्कर
पीपा पुल के बह जाने से स्थानीय ग्रामीणों के सामने आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. अब लोगों को मात्र 2 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए बेनीवाद या औराई के रास्ते करीब 25 किलोमीटर का लंबा और थकाऊ चक्कर लगाना पड़ रहा है. आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
रात के अंधेरे में कमर तक भरा पानी, ऊंचे स्थानों पर शरण
तटबंध के भीतर बसे दर्जनों परिवारों पर बाढ़ ने रात के समय अचानक हमला बोला. देखते ही देखते लोगों के घरों में कमर तक पानी भर गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने भागकर जैसे-जैसे अपनी जान बचाई.
दाने-दाने को तरसे लोग, पेयजल का संकट
बाढ़ के अचानक दस्तक देने से राहत और बचाव कार्य शुरू होने से पहले ही लोगों का अनाज, कपड़े और घरेलू सामान पानी में डूब कर बर्बाद हो गए हैं. क्षेत्र के अधिकांश चापाकल जलमग्न हो चुके हैं, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने अब भुखमरी और स्वच्छ पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीण प्रशासन से तत्काल नाव और राहत सामग्री की गुहार लगा रहे हैं.
