मुजफ्फरपुर की सब्जी मंडियों से होने वाली चुंगी वसूली में धांधली की आशंका, सक्रिय हुआ निगम प्रशासन

मुजफ्फरपुर नगर निगम शहर के चार सब्जी मंडी से चुंगी की वसूली कराता है. लेकिन एजेंसी का चयन नहीं होने और धांधली की आशंका की वजह से निगम अभी खुद वसूली कर रहा है.

मुजफ्फरपुर शहर में प्रवेश करने वाले ऑटो व ई-रिक्शा से बतौर पार्किंग शुल्क होने वाली वसूली में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद निगम प्रशासन की सक्रियता शहर के सब्जी मंडी में बढ़ गयी है. सब्जी मंडी से भी चुंगी की वसूली अभी नगर निगम अपने स्तर से ही विभागीय रूप से करा रहा है.

वसूली के लिए जवाहरलाल रोड के घिरनी पोखर, नई बाजार, नीम चौक सादपुरा और कटही पुल सब्जी मंडी में वसूली के लिए कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. जब तक नयी एजेंसी का चयन नहीं होता है. तब तक नगर निगम को अपने स्तर से ही वसूली कराना पड़ेगा.

ऑटो व ई-रिक्शा से होने वाले पार्किंग शुल्क की वसूली की तरह सब्जी मंडी में भी हेरफेर नहीं हो. इसके लिए नगर निगम का सैरात सेक्शन एक्टिव हो गया है. रोजाना होने वाली वसूली के बाद निगम में जमा होने वाले कैश का मिलान गोपनीय तरीके से किया जा रहा है. ताकि, कोई फर्जीवाड़ा आदि की शिकायत सब्जी मंडी से नहीं मिल सके.

दूसरी तरफ, सब्जी मंडी के बंदोबस्त के लिए नगर निगम ने जो टेंडर आमंत्रित किया था. इसमें अब तक एक भी व्यक्ति इच्छुक नहीं दिख रहे हैं. दो-दो बार टेंडर आमंत्रित किया गया. लेकिन, कोई भी व्यक्ति तैयार नहीं हो सका है. अब चुनाव के बाद फिर से टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है.

फर्जीवाड़ा से निगम में खलबली, छुट्टी पर गये नगर आयुक्त

ऑटो व ई-रिक्शा से पार्किंग शुल्क में होने वाली वसूली में फर्जीवाड़ा उजागर होने और प्राथमिकी दर्ज कराये जाने के बाद नगर निगम में खलबली मच गई है. मामले में तीन बाहरी व्यक्ति के अलावा नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी विजय कुमार श्रीवास्तव को भी नामजद अभियुक्त बनाया गया है.

विजय श्रीवास्तव पर वसूली की गयी राशि में हेराफेरी और अवैध तरीके से आदमी रख वसूली कराने का आरोप है. हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब मामले में पुलिस कार्रवाई करेगी. दूसरी तरफ, मामला पकड़ में आने के तीन दिन बाद तक नगर आयुक्त नवीन कुमार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

बताया जाता है कि नगर आयुक्त फिलहाल छुट्टी पर चले गये हैं. सोमवार से ड्यूटी पर लौटेंगे. इसके बाद कार्रवाई होगी. बता दें कि बुधवार को खुद नगर आयुक्त अपनी टीम के साथ फर्जी तरीके से वसूली करते एक व्यक्ति को कंपनीबाग से पकड़ा था, जिसने एक निगम कर्मचारी के साथ दो बाहरी व्यक्ति का नाम लेते हुए वसूली कराने की बात कही थी. गिरफ्तार व्यक्ति को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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