मुजफ्फरपुर जिले में सामाजिक संस्था 'सचिन विकलांग सह जन सेवा संस्थान' के तत्वावधान में शनिवार को नेत्रदान और अंगदान के प्रति आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान के तहत शहर में एक अनोखी और संदेशप्रद पदयात्रा का आयोजन किया गया.
आंखों पर काली पट्टी बांधकर दिया दृष्टिहीनता का अहसास
जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ शहर के जूरन छपड़ा स्थित 'होप स्पेशल स्कूल' से हुआ. अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पदयात्रा में शामिल सभी लोगों और समाजसेवियों ने अपनी आंखों पर काली पट्टी बांध रखी थी.इसके माध्यम से प्रतिभागियों ने समाज को यह समझाने का प्रयास किया कि दृष्टिहीनता का जीवन कितना कठिन होता है और मरणोपरांत एक व्यक्ति का नेत्रदान किसी के अंधेरे जीवन में रोशनी का नया सवेरा ला सकता है.
सामाजिक और मानवीय पहलुओं पर चर्चा
कार्यक्रम की अध्यक्षता रंजीत वात्स्यायन ने की, जबकि मंच संचालन संस्थान की सचिव अमृता रानी सिंह ने किया.
अपने संबोधन में सचिव अमृता रानी सिंह ने कहा:
"मरणोपरांत नेत्रदान और अंगदान से जुड़ा फैसला पूरी तरह मानवीय है. हमारे एक छोटे से संकल्प से किसी को नई दृष्टि मिल सकती है और कई मायूस जिंदगियों को नया जीवन दान मिल सकता है."
कार्यक्रम में शामिल रहे प्रमुख समाजसेवी
इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक और समाजसेवी मौजूद रहे. मुख्य रूप से:
- डॉ. अलका किरण, प्रियांशु कुमार, दीप्ति कुमारी, वैष्णवी कुमारी
- विनय कुमार साह, धनंजय कुमार शर्मा, अनुपम कुमारी, कुंदन कुमार और मनोज कुमार
कार्यक्रम के समापन पर होप स्पेशल स्कूल की डायरेक्टर सह सचिव अमृता रानी सिंह ने उपस्थित सभी अतिथियों और सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया.
