छात्र संवाद में विद्यार्थियों की अजब-गजब शिकायत सुन अधिकारी भी रह गये दंग

Even the officers were stunned to hear the strange complaint

:: कोई अस्पताल में भर्ती होने की तस्वीर तो कोई जमीन विवाद के कारण फॉर्म नहीं भरने की शिकायत लेकर पहुंचा

:: कॉपी में अधिक अंक होने के बाद भी छात्रा को कर दिया फेल, परिणाम सुधार के लिए तीन वर्ष से लगा रही है चक्कर

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में सोमवार को छात्र संवाद का आयोजन किया गया. डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह ने इसकी अध्यक्षता की. इसबार छात्र-छात्राएं अजब-गजब शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे तो उसे देख अधिकारी भी दंग रह गये. कोई घर में भूमि विवाद के कारण फॉर्म नहीं भर सका तो कोई घरेलू परेशानी के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गया. विशेष परीक्षा में भी मौका मिलने पर परीक्षा नहीं दी. अब फिर से परीक्षा के आयोजन की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे थे. अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया गया कि छूटे हुए विद्यार्थियों के लिए ही प्रथम और द्वितीय वर्ष की विशेष परीक्षा आयोजित की गयी थी, लेकिन इसमें भी शामिल नहीं हो सके तो अब मौका नहीं मिलेगा. अब उन्हें नए सत्र में दाखिला लेना होगा. कुछ विद्यार्थी बार-बार मौका देने की मांग कर रहे थे. समझाने के बाद भी वे मानने को तैयार नहीं थे. एक छात्रा अस्पताल में भर्ती होने और उसकी तस्वीर साक्ष्य के रूप में लेकर पहुंची थी. वहीं दूसरी छात्रा ने कहा कि घरेलू परेशानी थी तो परीक्षा नहीं दी.

एलएस कॉलेज की पीजी सत्र 2021-23 की छात्रा प्रीति कुमारी को प्रथम सेमेस्टर में 17 अंक देकर फेल कर दिया गया. जब उसने आरटीआइ से कॉपी निकाली तो उसपर 41 अंक दिये हुए थे. कॉपी को संलग्न कर छात्रा 10-12 बार आवेदन दे चुकी है, लेकिन अबतक उसका परिणाम नहीं सुधारा गया है. उसका परिणाम पेंडिंग दिख रहा है. छात्रा ने डीएसडब्ल्यू से शिकायत की. कहा कि बार-बार आने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो गयी है. परिजनों से डांट सुनना पड़ रहा वह अलग. आश्वासन दिया गया कि शीघ्र परिणाम सुधार दिया जायेगा. स्नातक सत्र 2024-28 के आरएमएलएस कॉलेज के संगीत के छात्र न्यूटन कुमार को प्रथम सेमेस्टर में एक पेपर में सिर्फ दो ही प्रश्नों का अंक दिया गया है. जबकि उसने चार प्रश्नों का उत्तर दिया था. छात्र की कॉपी के आधार पर अंक देने का आश्वासन दिया गया है. छात्र संवाद में डिप्टी कंट्रोलर-1 डॉ रेणु बाला, डिप्टी कंट्रोलर-2 डॉ आनंद प्रकाश दूबे के साथ ही परीक्षा विभाग के कर्मियों में दीपेंद्र भारद्वाज, अमन समेत अन्य मौजूद थे.

काउंटर पर आवेदन देने के बाद भी नहीं बनी डिग्री

छात्र संवाद में डिग्री की समस्या लेकर भी छात्र पहुंचे थे. मोतिहारी से पहुंचे छात्र ने बताया कि ऑनलाइन फीस भुगतान के बाद उसकी पावती व अन्य कागजात के साथ काउंटर पर आवेदन किया था, लेकिन अबतक डिग्री नहीं मिली. नौकरी में डिग्री मांगी जा रही है. कई अन्य छात्र भी डिग्री नहीं बनने की शिकायत लेकर पहुंचे थे. कहा गया कि टीआर में देखकर उसका स्टेटस पता चलेगा. यदि सबकुछ ठीक होगा तो शीघ्र डिग्री बन जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ANKIT

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >