भोजन, ग्रोसरी आइटम, पर्सनल केयर की कई चीजें टैक्स दायरे से बाहर मध्सम और निम्न वर्ग के परिवारों को मिलेगा फायदा, मासिक खर्च में होगी कमी उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर जीएसटी के नये स्लैब में खाने पीने की चीजों, पर्सनल केयर और ग्रोसरी आइटम की कई चीजों को टैक्स दर से मुक्त किया गया है. वहीं कई चीजों पर 18 और 12 फीसदी टैक्स दर कम करके पांच फीसदी किया गया है. इसका फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा. एक आकलन के अनुसार चार सदस्यों वाले परिवार, जिनका ग्रोसरी और हाउस होल्ड पर मासिक खर्च 15 से 20 हजार है, उनकी मासिक बचत करीब 570 से 1200 रुपये होगी. इससे मध्यम और निम्न वर्ग के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी. जीएसटी दरों में कमी से कई आवश्यक वस्तुओं के दाम कम होंगे. ऐसा पहली बार हुआ है जब टैक्स स्लैब में केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत दी है. मध्यमवर्ग के कुछ परिवारों से बातचीत में उनके मासिक न्यूनतम खर्च की जानकारी मिली. परिवार के सदस्यों का कहना था कि जीएसटी के घटे दर से उन्हें थोड़ी सहूलयित होगी. यहां उन परिवारों से बातचीत के आधार पर मासिक खर्च का आकलन रखा जा रहा है 22 सितंबर से उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ जीएसटी का नया स्लैब 22 सितंबर से लागू होगा. इस दिन से खरीदारी करने पर उपभोक्ताओं को नये जीएसटी दर का लाभ मिलेगा. जीएसटी स्लैब दरों में कमी से दैनिक जीवन की वस्तुओं पर औसतन 5 से 13 फीसदी की बचत होगी, जिससे मासिक बजट में कमी होगी. टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने कहा कि मध्यम वर्ग के लिये बड़ी राहत है. महंगाई के दौर में कुछ लग्जरी आइटम्स महंगे हुये हैं, लेकिन इससे आम लोगों की बचत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. भोजन और ग्रोसरी आइटम वस्तु – पुरानी दर प्रतिशत – नयी दर प्रतिशत – मासिक खपत – अनुमानित बचत रुपये में दूध – पांच – शून्य – 10 लीटर – 50 पनीर, छेना – पांच – शून्य – दो किलो – 30 कंडेस्ट मिल्क – 12 – पांच – दाे कैन – 40 बटर, घी – 12 से 18 – 5 – दो लीटर – 100 चीज – 12 से 18 – 5 – एक किलो – 60 चॉकलेट्स, पास्ता – 18 – 5 – एक किलो – 40-50 नमकीन, ड्राई नट्स – 12-18 – दो किलो – 40-50 ड्राई फ्रूट्स – 12-18 – 5 – एक किलो – 60 पर्सनल केयर और हाउसहोल्ड प्रोडक्ट्स टूथ पाउडर, टूथ पेस्ट – 12-18 – 5 – दो ट्यूब – 20-30 साबुन – 12-18 – 5 – 500 खर्च – 50-70 कैंडल्स, मैचस्टिक्स – 12 – 5 – न्यूनतम खपत – 10 फीडिंग बॉटल्स – 12 – 5 – परिवार के लिये – 20-30 हैंडबैग्स, शॉपिंग बैग्स – 12 – 5 – 1-2 आइटम – 30-50 वर्जन खाने-पीने की चीजों, हाउसहोल्ड, ग्रोसरी और पर्सनल केयर की कुछ वस्तुओं को टैक्स फ्री और कुछ पर पांच फीसदी टैक्स निर्धारित किये जाने से उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा. इस महंगाई के दौर में कुछ राशि भी महीने में बच जाती है तो यह बड़ी बात होगी. सरकार की यह फैसला जनहित में है. – निशी वर्मा, गृहिणी
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