Muzaffarpur News: साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच पारू की एक महिला अपने ही बैंक खाते में जमा पैसे निकालने के लिए भटक रही है. पति ने दुबई से बीमार पत्नी के इलाज के लिए 17 हजार रुपये भेजे, लेकिन बैंक से सिर्फ दो हजार रुपये निकालने के बाद खाता फ्रीज हो गया. अब पीड़िता अपने ही पैसे के लिए बैंक और साइबर थाने के चक्कर काट रही है.
इलाज और बेटे के इलाज के लिए कर्ज लेकर भेजी थी रकम
पीड़िता ने बताया कि उसका पति दुबई में इलेक्ट्रिशियन का काम करता है. घर पर उसकी तबीयत लंबे समय से खराब थी. इसी दौरान उसके बेटे को भी सांप ने काट लिया, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट और गहरा गया.
परिवार की परेशानी की जानकारी मिलने पर पति ने दुबई में कर्ज लेकर पत्नी के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते में 17 हजार रुपये भेजे, ताकि इलाज कराया जा सके.
दो हजार रुपये निकले, फिर खाते पर लग गया होल्ड
महिला के अनुसार, बैंक से पहली बार दो हजार रुपये निकालने में कोई परेशानी नहीं हुई. लेकिन इसके तुरंत बाद खाते पर होल्ड लगा दिया गया और बाकी राशि निकालना संभव नहीं हो सका.
इसके बाद वह समाधान की उम्मीद लेकर बेला स्थित साइबर थाना पहुंची.
तकनीकी जांच में सामने आया दूसरा राज्य
साइबर थाना में जांच के दौरान पता चला कि खाते पर होल्ड बिहार से नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल की किसी पुलिस या जांच एजेंसी की ओर से लगाया गया है.
पीड़िता का कहना है कि उसे बताया गया कि खाता अनफ्रीज कराने के लिए संबंधित एजेंसी से संपर्क करना होगा, जिसके लिए पश्चिम बंगाल जाना पड़ेगा.
अब यात्रा का खर्च उठाना भी मुश्किल
महिला का कहना है कि जब इलाज के लिए भेजे गए पैसे ही नहीं मिल रहे हैं, तो दूसरे राज्य जाकर प्रक्रिया पूरी करना उसके लिए संभव नहीं है. उसे यह भी जानकारी नहीं दी गई कि खाते पर होल्ड किस कारण से लगाया गया.
साइबर थाना ने दी GRM पोर्टल पर शिकायत की सलाह
फिलहाल साइबर थाना ने महिला को GRM (Grievance Redressal Mechanism) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है, ताकि मामले की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की जा सके.
परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा
बैंक खाता फ्रीज होने से इलाज के लिए भेजी गई पूरी राशि खाते में ही फंसी हुई है. पीड़िता का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और इलाज के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है.
नोट: इस खबर में खाते के फ्रीज होने और अन्य परिस्थितियों से जुड़े तथ्य पीड़ित महिला के बयान तथा साइबर थाना से मिली जानकारी पर आधारित हैं. खाते पर होल्ड लगाए जाने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच एजेंसी की ओर से अभी नहीं की गई है.
