पुण्यतिथि : दिनकर राष्ट्रकवि होने के साथ ही जनकवि

पुण्यतिथि : दिनकर राष्ट्रकवि होने के साथ ही जनकवि

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

एलएस कॉलेज में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा की गयी. दिनकर पार्क स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय ने कहा कि दिनकर राष्ट्रकवि होने के साथ ही जनकवि भी थे. कॉलेज के स्टाफ काउंसिल की भी बैठक हुई. इसमें शिक्षक व कर्मचारी शामिल हुए. एजेंडे में मुख्य रूप से कॉलेज छात्रावास को दोबारा खोलने, नैक मूल्यांकन की प्रगति की समीक्षा, कॉलेज की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के उपाय, विभागों के शोध कार्यों में कॉलेज प्रशासन के सक्रिय सहयोग, शिक्षण गुणवत्ता सुनिश्चित रखने सहित अन्य मुद्दों पर विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया. बैठक में कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो संजीव मिश्रा, सचिव डॉ राजीव, सीनेटर डॉ साजिदा अंजुम व डॉ अर्धेंदु ने भी अपने विचार रखे. मौके पर प्रो एसआर चतुर्वेदी, प्रो पुष्पा, प्रो विजय मौजूद थे. 23

दिनकर आग, राग व विराग के कवि

रामेश्वर महाविद्यालय के भाषा परिवार के तहत हिंदी विभाग की ओर से राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर “शब्दों का सूरज दिनकर ” विषय पर संगोष्ठी आयोजित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी है. मुख्य अतिथि विवि में हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो कुमारी आशा ने सच्चे अर्थों में राष्ट्र कवि बताया. उन्होंने कहा कि दिनकर का संपूर्ण साहित्य मानवतावादी है.

हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ राकेश रंजन ने कहा दिनकर आग, राग और विराग के कवि हैं. प्राचार्य प्रो. ब्रह्मचारी व्यास नंदन शास्त्री ने भी विचार रखे. इस दौरान हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ उपेंद्र, एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ शारदा नंद सहनी, डॉ रजनी रंजन, डॉ मीरा, डॉ बादल, डॉ वसीम रेजा, डॉ महेश्वर प्रसाद सिंह डॉ राकेश सिंह, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं संगोष्ठी में उपस्थित थे.

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