::: नगर विकास एवं आवास विभाग का कार्यभार संभालने के बाद मुजफ्फरपुर में नगर निकायों की हुई पहली समीक्षा मीटिंग, सफाई और राजस्व वसूली पर सबसे ज्यादा फोकस
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
नगर विकास एवं आवास विभाग का जिम्मा संभालने के बाद पहली बार मुजफ्फरपुर पहुंचे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने नगर निकाय के अधिकारियों और इंजीनियरों की क्लास लगाई. समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार और कार्यप्रणाली पर कड़े तेवर दिखाए. डिप्टी सीएम ने साफ कहा कि कमीशन का खेल बंद होना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि 03 इंच मोटी सड़क बनाकर 06 इंच का भुगतान लेने की गड़बड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जायेगी. पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से डिप्टी सीएम ने निर्देश दिया है कि अब नगर निकाय के कर्मियों को वेतन तभी मिलेगा, जब उनकी बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज होगी. उन्होंने जिलाधिकारी को इस पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है. आउटसोर्सिंग एजेंसियों के चयन के लिए विभाग द्वारा तैयार आरएफपी में भी बदलाव के संकेत दिये हैं, ताकि बेहतर एजेंसियों का चयन हो सके. मीटिंग के दौरान उप नगर आयुक्त अमित कुमार, स्वरा, कार्यपालक अभियंता बिजेंद्र कुमार आदि मौजूद थे.स्मार्ट सिटी और सफाई पर नजर, बढ़ेगा राजस्व
बैठक में डिप्टी सीएम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, जलापूर्ति और साफ-सफाई की स्थिति का फीडबैक लिया. उन्होंने होल्डिंग टैक्स और राजस्व बढ़ाने के लिए लंबित दाखिल-खारिज व नामांतरण (म्यूटेशन) के कार्यों को तेजी से निपटाने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि नगर निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय के स्रोतों पर काम करना जरूरी है. सैरात, विज्ञापन से भी वसूली पर जोर दिया है.अगली बार होगा ””फील्ड निरीक्षण””
डिप्टी सीएम ने केवल फाइलों तक सीमित न रहकर धरातल पर काम करने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि अगली बैठक में मैं केवल योजनाओं की जानकारी नहीं लूंगा, बल्कि खुद स्थल निरीक्षण (स्पॉट विजिट) भी करूंगा. उन्होंने महिलाओं और गरीबों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया. अधिकारियों को बेहतर ढंग से कार्य करने का निर्देश दिया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
