प्रतिनिधि, सरैया थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में 18 नवंबर, 2023 को खेत में अवैध तरीके से बिछाये गये बिजली तार की चपेट में आने से मां-बेटे की हुई मौत के मामले में परिजन न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं. वहीं दर्ज प्राथमिकी में गलत धारा लगाने तथा लंबे समय बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा है. घटना में कोई कार्रवाई नहीं होते देख मृतक के पति लक्ष्मण कुमार ने एसएसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. बताया कि 18 नवंबर की शाम धान काटने जाने के क्रम में घर के समीप योगेंद्र भगत के खेत में अवैध रूप से फसल की रक्षा के लिए लगाये गये बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से मेरी पत्नी सुमिला देवी और पुत्र नवनीत कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी. बिजली विभाग के जेई आदित्य नारायण के साथ मेरे द्वारा भी योगेंद्र भगत और विजय कुमार को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी, जिसमें पुलिस ने जान बूझकर 304 की जगह 304ए धारा लगा दिया गया था, जबकि 304ए वैध कार्य के दौरान लापरवाही बरतने पर लगता है, जबकि चोरी से बिजली के नंगे तार को अवैध रूप से खेत में लगाया गया था. हालांकि मामले में प्राथमिकी (790/2023) के बाद भी धारा में कोई बदलाव नहीं किया गया. साथ आरोपी की छह माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्यशैली संदेहास्पद है. जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहा है. साथ ही आरोपी पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया़ वहीं पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने से परिवार के सदस्य डरे-सहमे हुए हैं. मामले में इंस्पेक्टर जय प्रकाश सिंह ने बताया कि विद्युत स्पर्शाघात से मां और पुत्र की हुई मौत के मामले में एक नामजद को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. शेष एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. लगातार फरार रहने की स्थिति में कार्रवाई की जायेगी.
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