मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट
Dakhil Kharij Pending: मुजफ्फरपुर में जमीन का दाखिल-खारिज कराने वाले लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. जिले के 16 अंचलों में 20,702 म्यूटेशन आवेदन लंबित हैं, जबकि नियम के अनुसार सामान्य मामलों का निपटारा 21 दिनों में होना चाहिए. नियम 21 दिन का है, लेकिन लोग 4 महीने से इंतजार कर रहे हैं. सबसे ज्यादा 3,718 आवेदन मुशहरी अंचल में अटके हैं. दाखिल-खारिज लंबित होने से जमीन की खरीद-बिक्री, बैंक लोन, उत्तराधिकार और अन्य राजस्व संबंधी काम अटक रहे हैं.
किन अंचलों में सबसे ज्यादा आवेदन लंबित?
- मुशहरी – 3,718
- कांटी – 2,188
- कुढ़नी – 2,145
- बोचहां – 1,884
- मोतीपुर – 1,671
- मीनापुर – 1,417
- सरैया – 1,287
- औराई – 1,267
- साहेबगंज – 1,054
- पारू – 1,006
हड़ताल खत्म हुई, लेकिन रफ्तार नहीं लौटी
राजस्व कर्मचारियों की करीब एक महीने तक चली हड़ताल से कामकाज प्रभावित हुआ. हड़ताल खत्म हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अब भी सामान्य रफ्तार नहीं पकड़ सकी है.
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दाखिल-खारिज में देरी होने से क्या परेशानी होती है?
- जमीन की खरीद-बिक्री रुक सकती है.
- बैंक लोन मिलने में दिक्कत होती है.
- उत्तराधिकार संबंधी प्रक्रिया अटक जाती है.
- सरकारी रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाता.
अब लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है कि लंबित मामलों के निपटारे के लिए कोई विशेष अभियान चलाया जाता है या नहीं.
दाखिल-खारिज की स्थिति
- कुल लंबित आवेदन: 20,702
- तय समय सीमा: 21 दिन
- सबसे ज्यादा लंबित: मुशहरी (3,718)
- 35 दिन से ज्यादा लंबित: 2,600+ मामले
- प्रभावित: जमीन खरीद-बिक्री, लोन, उत्तराधिकार
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