Muzaffarpur Bank Fraud: साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी और बैंक खातों में अनधिकृत सेंधमारी का एक ऐसा सनसनीखेज और खौफनाक पैटर्न अपनाया है, जिसने पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स के भी होश उड़ा दिए हैं. जिले के बरूराज थाना क्षेत्र स्थित मोहम्मदपुर गांग निवासी रत्नेश कुमार इस नए किस्म की 'डिजिटल डकैती' के शिकार बने हैं. पीड़ित के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) खाते में पहले अनजान सोर्स से अचानक भारी-भरकम रकम भेजी गई और फिर चंद घंटों के भीतर बिना किसी ओटीपी या कॉल के पूरी रकम पर डाका डाल दिया गया. पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में एफआईआर (कांड संख्या 113/26) दर्ज कर ली गई है.
दोपहर में 'क्रेडिट' का झांसा, शाम को 'डेबिट' का खौफनाक दांव
पीड़ित रत्नेश कुमार के अनुसार, 2 जनवरी 2026 को दोपहर 1:00 से 2:00 बजे के बीच उनके बैंक खाते में अचानक 1,50,000 रुपये जमा होने का मैसेज आया. जब तक वे इस रहस्यमयी ट्रांजैक्शन की पहेली सुलझा पाते, शाम करीब 6:00 बजे साइबर शातिरों ने अपना असली खेल दिखा दिया. बिना किसी फोन कॉल, बिना किसी ऐप एक्सेस और बिना किसी ओटीपी (OTP) के उनके खाते से चार किस्तों में कुल 1,57,460.24 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई.
4 अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड खातों में घुमाई गई रकम
साइबर अपराधियों की चालाकी यहीं खत्म नहीं हुई. उन्होंने पीड़ित के बैंक खाते में सेंध लगाकर रकम को सीधे देश के प्रमुख निजी और सरकारी बैंकों के क्रेडिट कार्ड खातों में ट्रांसफर कर दिया. जांच में पता चला कि यह राशि पंजाब नेशनल बैंक (धनराज कुमार), आईसीआईसीआई बैंक (अनीता कुमारी), एक्सिस बैंक (गीता देवी) और आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड खातों में पलक झपकते ही भेज दी गई.
बिना पासवर्ड शेयर किए लूट का शिकार, जांच में जुटी साइबर सेल
पीड़ित ने साफ किया है कि उन्होंने न तो किसी अनजान शख्स से बात की और न ही अपना पासवर्ड या पिन साझा किया. बिना किसी मानवीय चूक के हुई इस हाई-टेक साइबर लूट से पुलिस भी सख्ते में है. फिलहाल साइबर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और इस 'डिजिटल सिंडिकेट' का पर्दाफाश करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू कर दिया है.
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