Crime Patrol देखकर रची साजिश, पंचायत रोजगार सेवक की पत्नी ही निकली कातिल, एसआइटी ने किया खुलासा

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में पंचायत रोजगार सेवक मो. मुमताज अहमद की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है. हत्या उसकी पत्नी सबा फिरदौस ने ही की थी. पति के अवैध संबंध के शक और खुद की जान का डर उसे इतना भयभीत कर गया कि सोते समय हथौड़ी और चाकू से निर्मम हत्या कर डाली.

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के माड़ीपुर रामराजी रोड में हुए मनरेगा के पंचायत रोजगार सेवक मो. मुमताज अहमद हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. उसकी पत्नी सबा फिरदौस ही कातिल निकली. उसको अपने पति का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध होने का शक था.

सबा को यह भी डर था कि उसका पति प्रेमिका की बातों में आकर उसकी हत्या करवा सकता है. कई बार उनके बीच इन बातों को लेकर विवाद हुआ था. दो तीन बार मारपीट तक की नौबत आ गयी थी. इसी से डरकर उसने अपने पति मो. मुमताज अहमद की सोये अवस्था में पहले तीन बार सिर पर हथौड़े से वार किया. फिर, चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या की थी.

सबा फिरदौस गिरफ्तार

नगर डीएसपी वन सीमा देवी के नेतृत्व में गठित एसआइटी ने हत्याकांड का खुलासा कर लिया है. हत्या करने वाली पत्नी सबा फिरदौस को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी निशानदेही पर हत्या से पहले गायब की गयी डीबीआर बॉक्स , मोबाइल फोन, लैपटॉप व टैब बरामद कर लिया है. पुलिस को घटना के दिन ही बेड पर फेंका हुआ चाकू बरामद हुआ था. पुलिस की पूछताछ में सबा फिरदौस ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. पुलिस ने उसको सोमवार को कोर्ट में प्रस्तुत किया. वहां से न्यायिक हिरासत में भेजने की कवायद जारी है.

अकेले ही हत्याकांड को अंजाम दिया

एसएसपी सुशील कुमार ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि माड़ीपुर रामराजी रोड में मनरेगा के पंचायत रोजगार सेवक मो. मुमताज अहमद की चाकू से गला रेतकर बीते सात जुलाई की रात हत्या कर दी गयी थी. हत्याकांड के खुलासे के लिए सिटी एसपी कोटा किरण कुमार के अनुश्रवण में नगर डीएसपी वन सीमा देवी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने मैनुअल व वैज्ञानिक इनपुट के आधार पर हत्याकांड का खुलासा कर लिया है. मृतक की पत्नी सबा फिरदौस ने अकेले ही हत्याकांड को अंजाम दिया था. रात में सोये अवस्था में हथौड़ी से सिर पर वार किया.

फिर, चाकू से गला रेता. फिर, उसके शरीर पर कई जगहों पर वार किया. हत्या करने के बाद लूटपाट का शक्ल देने के लिए फर्स्ट फ्लोर के गेट का जाली काटा और पहले से कटर से काटा हुआ ताला डाल दिया. हत्या के पीछे वजह यह है कि मृतक की पत्नी सबा फिरदौस को शक था कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से चक्कर चल रहा है. उसका पति इग्नोर कर रहा है. प्रेमिका के चक्कर में पड़कर उसकी हत्या कर न कर दे. इसके लिए सबा ने खुद ही अपने पति की हत्या की साजिश रची.

मोबाइल पर देखती थी क्राइम पेट्रोल, यूट्यूब से सीखा तरीका

सबा फिरदौस एक माह से अधिक समय से हत्या की प्लानिंग तैयार कर रही थी. वह अपने मोबाइल पर यूट्यूब से हत्या कैसे करें इसका तरीका सीख रही थी. फिर, क्राइम पेट्रोल, सस्पेंस व थ्रिलर वाली फिल्में देखी थी. पुलिस को उसका लिखा कुछ नोट्स भी मिला है. जिस पर उसने हत्या से संबंधित बातें लिखी थी. अधिकांश नोट्स में वह आजाद होना चाहती थी.

देवर को दूसरे रिश्तेदार के घर भेजा, साढ़े सात बजे ही ऑफ करके चार मोबाइल फोन नाली में फेंका मुमताज अहमद के साथ उसके रामराजी रोड स्थित आवास पर उसका देवर भी रहता था. हत्या के दिन में भी सबा फिरदौस ने बहाना बनाकर अपने देवर को रिश्तेदार के यहां भेज दिया. उसको बोला कि रात में नहीं आना है. फिर देर शाम साढ़े सात बजे अपना- पति का समेत घर का पांच में चार मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके रेलवे ट्रैक से सटे नाली में फेंक दिया.

रात्रि 1:20 बजे डीबी बॉक्स निकाला, 2:30 बजे 3:00 बजे के बीच की हत्या

रात्रि 1:20 मिनट पर डीबी बॉक्स सबा फिरदौस ने निकाल दी. फिर, वह लाइट कटने का इंतजार करने लगी. 2:30 जब लाइट कटी तो वह पति के सिर पर हथौड़ा से तीन वार किया. इसके बाद घर में रखे कुर्बानी के चाकू से पति का गला काट दिया. वह तड़प कर नीचे गिर गया. जब उसको लगा कि आवाज कहीं बाहर जाएगी तो वह दूसरा से पति का गला रेतने लगी. गला पूरी तरह से कट गया . तब छत पर जाकर सीसीटीवी के डीबी बॉक्स को जंगल में फेंक दिया.

फर्स्ट फ्लोर का चाकू से गेट की जाली काट कर वहां पर पहले से कटा हुआ ताला रखकर, गोदरेज व आलमीरा को खोलकर इसके बाद वह दूसरे कमरे में जाकर बच्चे के साथ हो गयी. जब उसको लगा कि अब सुबह होने वाली है तो वह अपने बच्चों को जगाया और मोहल्ले के लोगों को सूचना दी.

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प्राथमिकी में कहा था कि डकैत उसको भी चाकू की नोक पर लेकर डाला था डाका

हत्या के बाद पुलिस ने जब सबा फिरदौस से पूछताछ की थी तो वह बताया कि उसको कुछ जानकारी नहीं है. घटना के समय वह अपने तीनों बच्चों के साथ दूसरे कमरे में सो रही थी. लेकिन, घटना के दो दिन बाद मृतक के बड़े भाई मुश्ताक अहमद ने जो प्राथमिकी दर्ज करायी थी इसमें कहा था कि डकैत चाकू की नोक पर सबा फिरदौस को रखकर नौ लाख की ज्वेलरी व दो लाख कैश लूटकर ले गए थे.

इसके बाद शक गहराने लगा. नगर डीएसपी कई बार सबा फिरदौस को बुलाकर पूछताछ की. बार- बार उसके बयान में कुछ न कुछ बात बदला हुआ नजर आता था. इसके बाद जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गयी और पूरे मामले की जानकारी दी. लेकिन, हत्या के दिन देवर को रिश्तेदार के घर भेजने की जानकारी मिली तब पुलिस का शक और गहरा गया.

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मुझे हारना मंजूर है, लेकिन, खेल बड़ा खेलूंगी

सबा फिरदौस यूपीएससी की तैयारी करती थी. वह कई बार बीपीएससी की पीटी भी दी थी. वह अपने कमरे में दीवार पर स्लोगन लिखकर टांगी थी कि मुझे हारना मंजूर है, लेकिन बड़ा खेल खेलूंगी.

मेटल डिटेक्टर के सहारे पुलिस ने नाली से खोज निकाला मोबाइल

हत्या के बाद फेंके गए मोबाइल फोन व डीबी बॉक्स को ढूंढने में पुलिस को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. मेटल डिटेक्टर की मदद से नाली में खोज कर पुलिस ने एक मोबाइल फोन खोज निकाला. वहीं , चार की तलाश जारी है. वहीं, घर की सीढ़ी पर लगे खून से पुलिस को शक हुआ कि छत से डीबी बॉक्स फेंका गया है, फिर, छत से डीएसपी सीमा देवी ने देखा तो झाड़ी में डीबीआर बॉक्स दिखा तब उसको बरामद किया गया.

जिस चाकू से बकरे का गला काटा उससे ही रेत दिया पति का गला

जिस चाकू का इस्तेमाल मुमताज अहमद की हत्या में किया गया वह कुर्बानी के लिए लाया गया था. उससे ही पति का गला रेत दिया. हत्या करने के दौरान चाकू पर फिंगरप्रिंट न आये इसके लिए चाकू में पति का ही रूमाल लपेट दिया था.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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