औराई. बागमती नदी के जलस्तर में तेज गति से बढ़ोतरी होने के कारण अतरार घाट पर बना चचरी पुल एक बार फिर से ध्वस्त हो गया. नेपाल के जल अधिग्रहण वाले क्षेत्र में विगत 24 घंटे से हो रही बारिश के कारण बागमती और इसकी सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गयी. कटौझा में बागमती नदी के जलस्तर में विगत रात्रि से सुबह तक 54 सेमी की बढ़ोतरी हुई. इस बीच दक्षिणी उपधारा पर पानी का दबाव होने के बाद अतरार घाट चचरी पुल जो कि मरम्मत के बाद चालू किया गया था, वह पुनः एक बार फिर से पानी में बह गया. अब प्रखंड मुख्यालय जाने के लिये इस इलाके के लोगों को लगभग 30 किमी. की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी. इस बीच बागमती तटबंध की मरम्मत किये जाने के कारण बांध पर से लोगों को खाली करने का अल्टीमेट दिया गया है. अल्टीमेटम मिलने से विस्थापित एक दर्जन गांवों के लोग एक बार फिर से परेशानी में आ गए हैं.
विस्थापित लोगों का कहना था कि सरकार ने अब तक आधा अधूरा मुआवजा देकर छोड़ दिया है. पुनर्वास की जमीन मिल जाती तो हम लोग बांध पर खानाबदोश की जिंदगी क्यों बिताते. मिट्टी के अवैध खनन से बागमती नदी के दक्षिणी बांध के बेनीपुर व महुआरा व उत्तरी बांध के भरथुआ में कटाव के साथ ही बांध के दरकने का खतरा एक बार फिर बन गया है. अवैध मिट्टी खनन माफियाओं ने दो तटबंधों को कई स्थानों पर काट कर क्षत विक्षत कर दिया है, जिसे समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो बड़ा खड़ा उत्पन्न हो सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
