मोबाइल बैंकिंग ठप होने से कारोबार हुआ प्रभावित

Business affected due to mobile banking shutdown

मोबाइल बैंकिंग ठप होने से कारोबार हुआ प्रभावित – ऑनलाइन पेमेंट काम नहीं होने पर एटीएम से पैसा निकालने के लिए लोग पहुंचे – बैंकों द्वारा ग्राहकों को मोबाइल पर मैसेज और सोशल मीडिया के माध्यम से पूर्व में दी गयी थी जानकारी वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर मार्च क्लोजिंग को लेकर 31 मार्च से ही बैंकों के सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण उसी दिन से बैंकिंग एप ने सही काम करना बंद कर दिया. जो एक अप्रैल को जारी रहा. इस कारण आमलोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. इसका असर कारोबार पर भी पड़ा. आज के समय डिजिटल पेमेंट सुविधा आने के बाद करीब करीब 50 प्रतिशत से अधिक लोग ऑनलाइन ही ट्रांजेक्शन करते हैं. इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सड़कों पर रेड़ी व ठेले पर सामान बेचने वाले से लेकर छोटे बड़े सभी दुकानदार ऑनलाइन पेमेंट को लेकर क्यूआर कोड की सुविधा ले रखी है. बीते दो दिनों से बैंकिंग नेटवर्क पर दबाव अधिक होने के कारण ऑनलाइन पेमेंट में ट्रांजेक्शन फेल रहा है, जिससे लोगों भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को डिजिटल सेवाओं को इस दो दिन कुछ समय के लिए दिक्कत की बात को लेकर मैसेज कर रखा था. साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इसकी जानकारी साझा की थी. लेकिन लोगों की आदत में ऑनलाइन पेमेंट शुमार हो चुका है इस कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई लोग माह के अंत में अपने लोन की किस्त का भुगतान करते हैं. इसमें कुछ का पेमेंट सक्सेस रहा तो कईयों का पैसा फंस गया. इसके बाद ग्राहकों ने बैंक के 24 इंटू 7 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करायी. जहां उन्हें बताया गया कि घबराने की बात नहीं है पैसा उनके खाते में वापस हो जायेगा. मोबाइल बैंकिंग लड़खड़ाने के बाद इसका असर एटीएम पर देखने को मिला. लोग पैसा निकालने के लिए एटीएम पर पहुंचे और कैश निकाले. अचानक से एटीएम पर निकासी का दबाव बढ़ा. वहीं पेट्रोल पंप पहले ही कर्मियों ने नेटवर्क काम नहीं करने का मैसेज चिपका दिया था, क्योंकि गाड़ी में फ्यूल लेने के बाद जब ऑनलाइन पेमेंट सक्सेस नहीं होता है तो फिर ग्राहक व कर्मचारियों में बहस होती है. इसको लेकर एक अप्रैल को सुबह से ही कई पेट्रोल पंप पर पेमेंट फंस रहा था. जब ज्यादा पेमेंट नहीं होने की शिकायत मिली तो इस नोटिस को चिपका दिया. बैंकरों की माने तो एक अप्रैल, 2025 से नया वित्तीय वर्ष 2025-26 शुरू हो रहा है. इस दिन भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार सभी बैंक खातों के समापन और वित्तीय रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए छुट्टी रखते है जो कि एक वार्षिक परंपरा है, जिससे बैंक अपने लेन-देन को मिलान कर सकें, रिकॉर्ड अपडेट कर सकें और नए वित्तीय वर्ष की तैयारी कर सकें. ऐसे में ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट गेटवे का प्रोसेस स्लो दिखे तो कुछ समय के लिए ऐसे ट्रांजेक्शन से बचे. यह समस्या क्लोजिंग के दौरान से 4 से 6 घंटे तक के लिए होती है उसके बाद पहले की तरह काम सामान्य हो जाता है.

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By KUMAR GAURAV

KUMAR GAURAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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