मुजफ्फरपुर: जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब विवादित जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने “सात निश्चय-3 : सबका सम्मान, जीवन आसान” योजना के तहत नई व्यवस्था लागू की है, जो 21 मई से प्रभावी होगी.
नई व्यवस्था के तहत अब रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी भूमि की अद्यतन स्थिति की जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे. इससे जमीन विवाद, फर्जीवाड़ा और लंबित मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
10 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट
विभागीय निर्देश के अनुसार, आवेदक द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्री आवेदन देने के बाद संबंधित अंचल अधिकारी या राजस्व अधिकारी को 10 दिनों के भीतर जमीन की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट ई-निबंधन प्रणाली पर अपलोड करनी होगी.
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि जमीन विवादित है या नहीं, उस पर किसी प्रकार का सरकारी या न्यायालयीन मामला लंबित तो नहीं है.
ई-निबंधन प्रणाली से जुड़े अधिकारी
सरकार ने सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को ई-निबंधन सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया है. इसके लिए सभी अधिकारियों को अलग-अलग यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए गए हैं.
विभाग की ओर से अधिकारियों को पोर्टल संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया है. पहली बार लॉग-इन करने के बाद पासवर्ड बदलना अनिवार्य किया गया है.
पारदर्शी और आसान होगी प्रक्रिया
सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने से जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी. साथ ही आम लोगों को बार-बार अंचल और निबंधन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
ऑनलाइन जांच और रिपोर्टिंग व्यवस्था लागू होने से विवादित जमीन की खरीद-बिक्री पर भी प्रभावी रोक लगेगी.
समस्या समाधान के लिए कंट्रोल रूम
नई व्यवस्था में तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी दूर करने के लिए विभाग स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है. जिला अवर निबंधक स्तर के अधिकारियों को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.
इसके अलावा हेल्पडेस्क नंबर और ई-मेल भी जारी किए गए हैं, ताकि अधिकारी और आम लोग आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकें.
मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
