मुजफ्फरपुर में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक, सरकार का बड़ा फैसला

Bihar Land News: बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर समेत 11 जिलों के कोर क्षेत्रों में जमीन खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी है. सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए यह फैसला लिया गया है. बेहतर शहरी सुविधाओं को बढ़ावा मिलने वाला है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar Land News: बिहार में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को सही दिशा देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब बिना प्लान के हो रहे निर्माण और जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाकर शहरों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की तैयारी की जा रही है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार के 11 जिलों के खास और कोर इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर और निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. इसमें पटना, मुजफ्फरपुर और गया जैसे बड़े शहर भी शामिल हैं.

बिहार सरकार की तरफ से जारी निर्देश

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का मकसद इन इलाकों में आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप तैयार करना है, ताकि शहरों का विकास प्लानिंग के साथ हो और आगे किसी तरह की अव्यवस्था न हो. अक्सर देखा गया है कि बिना प्लान के हो रहे निर्माण से ट्रैफिक, ड्रेनेज और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह ‘फ्रीज’ लगाया गया है. सरकार के प्रेस नोट के मुताबिक, यह फैसला बिहार शहरी आयोजना एवं विकास अधिनियम, 2012 के तहत लिया गया है. इसके जरिए इन शहरों के लिए मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार किए जाएंगे, जिससे भविष्य का विकास बेहतर तरीके से हो सके.

31 मार्च तक इन जिलों में रहेगी रोक

इस रोक की समय सीमा भी तय कर दी गई है. पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में यह पाबंदी 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी. वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में यह रोक 30 जून 2027 तक जारी रहेगी. सरकार का कहना है कि इन सैटेलाइट टाउनशिप के बनने से नए आर्थिक हब तैयार होंगे, रोजगार के मौके बढ़ेंगे और बड़े शहरों पर जनसंख्या का दबाव भी कम होगा. साथ ही लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिल सकेंगी.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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