Muzaffarpur: राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए ‘होम रजिस्ट्रेशन’ सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है. अब 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को रजिस्ट्री कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
नई व्यवस्था 21 मई से पूरे राज्य में लागू होगी. इसके तहत रजिस्ट्री विभाग की टीम खुद बुजुर्गों के घर पहुंचकर निबंधन की प्रक्रिया पूरी करेगी.
1000 और 5000 रुपये का अतिरिक्त शुल्क
विभागीय आदेश के अनुसार, यदि केवल विक्रेता की उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक है, तो घर जाकर रजिस्ट्री करने के लिए 1000 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा.
वहीं, यदि विक्रेता और क्रेता दोनों ही घर पर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराना चाहते हैं, तो इसके लिए 5000 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा.
5000 रुपये शुल्क जमा होने पर जिला अवर निबंधक या अवर निबंधक स्तर के अधिकारी स्वयं घर जाकर पूरी प्रक्रिया संपन्न कराएंगे.
‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत पहल
सरकार ने यह सुविधा ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के अंतर्गत “सबका सम्मान, जीवन आसान” संकल्प के तहत शुरू की है.
इसका उद्देश्य बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों को शारीरिक परेशानी और अनावश्यक भागदौड़ से राहत देना है.
मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट करेगी काम
नई व्यवस्था के तहत मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट (एमआरयू) बनाई गई है. यह टीम वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर दस्तावेज सत्यापन, हस्ताक्षर और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करेगी.
इससे बुजुर्गों को रजिस्ट्री कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया घर बैठे संपन्न हो जाएगी.
सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी
रजिस्ट्री प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी समस्या और जानकारी के लिए विभाग ने कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन भी जारी की है.
नागरिक नोडल पदाधिकारी जय कुमार के मोबाइल नंबर 9576062421 और सहायक नोडल पदाधिकारी ब्रिज बिहारी शरण के नंबर 8987259634 पर संपर्क कर सकते हैं.
इसके अलावा विभागीय हेल्पडेस्क नंबर 14544 / 0612-3522300 और ई-मेल आईडी datacenterpatna@gmail.com जारी की गई है.
अधिकारियों ने बताया राहतभरा फैसला
सहायक महानिरीक्षक निबंधन तिरहुत प्रमंडल राकेश कुमार ने कहा कि 21 मई से लागू होने वाले इन फैसलों से बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही अंचल स्तर पर जांच की नई व्यवस्था लागू होने से जमीन विवादों में भी कमी आएगी.
मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
