बिहार: गन्ने की खेती करनी है? बीज Free मिलेगा, खाद पर भी सब्सिडी

बिहार में गन्ने की खेती के लिए किसानों को बड़ी खुशखबरी मिली है. कृषि विभाग ने एक नई योजना शुरू की है जिसके तहत किसानों को मुफ्त गन्ने का बीज मिलेगा. साथ ही, खाद और कीटनाशक की खरीद पर सब्सिडी भी दी जाएगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने नई पहल शुरू की है. गन्ना विस्तार योजना के तहत किसानों को मुफ्त गन्ने का बीज उपलब्ध कराया जाएगा. मुजफ्फरपुर जिले में 200 एकड़ क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

16 प्रखंडों में चलेगा विशेष अभियान

सहायक गन्ना निदेशक अरविंद कुमार रवि के अनुसार, गन्ने की रोपाई को बढ़ावा देने के लिए मुजफ्फरपुर के सभी 16 प्रखंडों में विशेष अभियान चलाया जाएगा. प्रत्येक प्रखंड के किसान ऑनलाइन आवेदन के जरिए योजना का लाभ ले सकेंगे.

योजना के तहत एक हेक्टेयर तक गन्ने की खेती करने वाले किसान मुफ्त रोपण सामग्री प्राप्त करने के पात्र होंगे. इसके अलावा उर्वरक और कीटनाशक की खरीद पर भी किसानों को सब्सिडी देने का प्रावधान बताया गया है. विभाग का जोर गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ किसानों को खेती से जुड़ी जरूरी सहायता देने पर है.

गन्ने की खेती के दो तरीके

अरविंद कुमार रवि ने बताया कि किसान गन्ने की खेती मुख्य रूप से दो तरीकों से कर सकते हैं. पहली विधि में गन्ने के डंठल को छोटे टुकड़ों में काटकर सीधे खेत में लगाया जाता है. इस तरीके में एक एकड़ के लिए करीब 25 क्विंटल बीज की जरूरत पड़ती है.

दूसरी विधि में नर्सरी में तैयार पौधों की खेत में रोपाई की जाती है. इसमें एक एकड़ के लिए करीब 10 हजार पौधों की जरूरत होती है. आमतौर पर गन्ने की रोपाई अक्टूबर और फरवरी के दौरान की जाती है.

एक बार की रोपाई से मिल सकती हैं तीन फसलें

विभाग के अनुसार, शुरुआती फसल स्थापित होने के बाद किसान उर्वरक और दूसरी जरूरी कृषि सामग्री का इस्तेमाल कर रैटून यानी पेड़ी फसल भी ले सकते हैं. इससे शुरुआती रोपाई के बाद दो अतिरिक्त फसल प्राप्त करने की संभावना रहती है.

इस तकनीक से किसानों को हर बार खेत में नई रोपण सामग्री लगाने की जरूरत कम हो सकती है. इससे खेती के समय और लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

नर्सरी से मिलेगी मुफ्त रोपण सामग्री

योजना के तहत किसानों को निर्धारित नर्सरियों से गन्ने की रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. बीज की लागत का भुगतान सरकार सीधे संबंधित नर्सरी संचालकों को करेगी. यानी पात्र किसानों को रोपण सामग्री के लिए सीधे भुगतान नहीं करना होगा.

विभाग के अनुसार, गन्ने की खेती किसानों के लिए आय का एक विकल्प बन सकती है. एक एकड़ में करीब 300 से 400 क्विंटल तक उत्पादन होने का अनुमान बताया गया है. खेती की लागत घटाने के बाद किसानों को करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक मुनाफा मिलने की संभावना विभाग की ओर से बतायी गयी है.

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

कृषि विभाग का उद्देश्य राज्य में गन्ने का रकबा बढ़ाने के साथ किसानों को बेहतर रोपण सामग्री और कृषि सहायता उपलब्ध कराना है. मुजफ्फरपुर के सभी 16 प्रखंडों में अभियान चलने से अधिक किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचने की उम्मीद है.

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By अनिकेत कुमार

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