जीविका दीदियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब पंचायत स्तर पर सुधा केंद्र खोलने के लिए मिलेगी सब्सिडी

मुजफ्फरपुर जिले में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'जीविका सुधा केंद्र' खोले जा रहे हैं. यह योजना विशेष रूप से जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए है. राज्य सरकार उपकरणों की खरीद के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी.

Muzaffarpur Jivika Sudha:  जिले की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल शुरू की है. अब जिले की सभी 373 पंचायतों में ''जीविका सुधा केंद्र'' की स्थापना की जाएगी. इसके लिए जीविका और काम्फेड (सुधा) के संयुक्त सहयोग से केंद्र खोलने की प्रक्रिया बेहद तेजी से शुरू कर दी गई है. इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है.

केवल जीविका दीदियों को मिलेगा इस योजना का लाभ

इस नई योजना की सबसे खास बात यह है कि इसका सीधा लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दीदियों को ही दिया जाएगा. योजना के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए सभी पंचायतों में एक विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा. इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को योजना की पूरी जानकारी दी जाएगी और इसके बाद इच्छुक व पात्र महिला आवेदकों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे.

उपकरणों की खरीद के लिए राज्य सरकार देगी वित्तीय सहयोग

जीविका सुधा केंद्र की स्थापना के लिए राज्य सरकार महिलाओं को बड़ा वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी. योजना की कुल लागत में से एक निश्चित राशि सरकार द्वारा अनुदान (सब्सिडी) के रूप में दी जाएगी. जबकि शेष राशि का प्रबंध आवेदनकर्ता महिला को स्वयं करना होगा. इस राशि का उपयोग केंद्र के संचालन के लिए जरूरी उपकरणों जैसे- दूध और डेयरी उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर. उत्पादों को ताजा रखने के लिए विजी कूलर. दुकान की पहचान के लिए ब्रांडिंग और विज्ञापन के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था के लिए किया जाएगा.

आवेदन के लिए रखी गई हैं ये जरूरी शर्तें

योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें तय की गई हैं. सबसे पहले. आवेदक महिला का उसी पंचायत का मूल निवासी होना अनिवार्य है. जहां सुधा केंद्र खोला जाना है. इसके अलावा. केंद्र के संचालन के लिए महिला के पास खुद की उपयुक्त और पर्याप्त जगह होनी चाहिए. साथ ही उस दुकान या स्थान पर स्थायी बिजली कनेक्शन होना भी बेहद आवश्यक है. इस पहल से पंचायतों में सुधा के डेयरी उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे.


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लेखक के बारे में

प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.

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