Bela Industrial Area: जिला मुख्यालय का सबसे प्रमुख और रीढ़ माना जाने वाला औद्योगिक केंद्र ''बेला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1'' इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है.इस महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य और तमाम संपर्क सड़कें वर्तमान में पूरी तरह जर्जर होकर तालाब में तब्दील हो चुकी हैं.मानसून की बारिश के साथ-साथ क्षेत्र की नालियों के पूरी तरह जाम होने के कारण सड़कों पर चौबीसों घंटे घुटने भर गंदा पानी जमा रहता है.आलम यह है कि यहां स्थित फैक्ट्रियों से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों (पिकअप वैन, ट्रैक्टर और भारी ट्रकों) के लिए यह रास्ता किसी खतरनाक और जानलेवा सफर से कम नहीं रह गया है.सड़कों पर बने बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे इस गंदे पानी के नीचे छिपे रहते हैं, जिसके कारण आए दिन तैयार माल से लदे पिकअप और अन्य वाहन अनियंत्रित होकर पलट रहे हैं.
अदृश्य गड्ढों के कारण संतुलन खो रहे वाहन, उद्यमियों को भारी नुकसान
फैक्ट्रियों और विभिन्न गोदामों से तैयार माल लोड कर निकलने वाले चालकों का कहना है कि जलजमाव के कारण सड़कों के गड्ढों की गहराई का सही अंदाजा बिल्कुल नहीं मिल पाता है.जैसे ही भारी मालवाहक वाहन इन अदृश्य गड्ढों के संपर्क में आते हैं, उनका संतुलन अचानक बिगड़ जाता है.आए दिन गाड़ियां पलटने से फैक्ट्रियों में बना लाखों रुपये का तैयार माल और कच्चा सामान गंदे पानी में गिरकर पूरी तरह बर्बाद हो रहा है, जिससे स्थानीय उद्यमियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.इसके साथ ही आम राहगीर और दोपहिया वाहन चालक भी रोजाना इन गड्ढों में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं.
जल निकासी की व्यवस्था ठप, उद्योगों के बंद होने का मंडराया खतरा
स्थानीय व्यवसायियों और उद्यमियों का आरोप है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बेला इंडस्ट्रियल एरिया का दम घुट रहा है.नालियों की नियमित सफाई न होने से जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है.गंदे पानी के बीच काम करने से फैक्ट्रियों के मजदूरों में भी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.यदि शीघ्र ही इन जर्जर सड़कों का निर्माण और जलजमाव की समस्या का स्थायी निदान नहीं किया गया, तो क्षेत्र के कई प्रमुख उद्योगों के बंद होने की नौबत आ सकती है.
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