बज्जिका मैन्युस्क्रिप्ट पेंटिंग पारंपरिक चित्रकला से भिन्न

बज्जिका मैन्युस्क्रिप्ट पेंटिंग पारंपरिक चित्रकला से भिन्न

दीपक-20

एनबीआइ ने किया कार्यशाला व जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

मुजफ्फरपुर.

एनबीआइ ने मिठनपुरा स्थित सभागार में बज्जिका मैन्युस्क्रिप्ट पेंटिंग कार्यशाला व जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया. संयोजन संस्थापक व निदेशक आनंद कुमार ने किया. निफ्ट के लेदर डिजायन विभाग के प्रोजेक्ट हेड व विभागाध्यक्ष डॉ उज्ज्वल अंकुर ने भी संबोधित किया. उन्होंने तीन हजार वर्षों से अधिक पुरानी बज्जिका लोक-संस्कृति, इतिहास व बज्जिका कला की विशिष्टता के बारे में बताया. कहा कि बज्जिका मैन्युस्क्रिप्ट पेंटिंग पारंपरिक चित्रकला से भिन्न व विशिष्ट शैली है.

मुख्य अतिथि साहित्य की अनुवादक एसटीओ पदाधिकारी डॉ पद्मिनी भटनागर और एनबीटी के प्रशासनिक अधिकारी योगेश उपाध्याय व डॉ विश्वजीत मौजूद रहे. उन्होंने प्रकाशन क्षेत्र में संपादन की भूमिका को विद्यार्थियों को बताया.

साहित्यकार डाॅ भावना, हेमा सिंह, रंगकर्मी रमेश रत्नाकर, एनबीआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल फलक व डॉ विजयेश बज्जिका भाषा, साहित्य, कविता, कथा व नाटक में बज्जिका शैली के समृद्ध उपयोग पर बल दिया. मौके पर विभिन्न कॉलेजों के 335 से अधिक छात्र-छात्राएं रहे.

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By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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