Aaj Ka Darshan: बेला और गुलाब के फूलों से सजा बाबा गरीबनाथ का दरबार, अलौकिक रूप के दर्शन को उमड़े भक्त

Aaj Ka Darshan: मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में 16 मई को वट सावित्री पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह 5 बजे फूलों के शृंगार और मंगला आरती के बाद शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला देर रात तक चलेगा. यहाँ देखें दोपहर और रात की आरती का समय.

Aaj Ka Darshan: उत्तर बिहार के प्रसिद्ध देवघर के रूप में जाने जाने वाले मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में शनिवार, 16 मई को वट सावित्री पर्व के अवसर पर अद्भुत भक्ति का माहौल देखा जा रहा है. अहले सुबह से ही महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गई हैं. पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा गरीबनाथ की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान है.

सुबह 5 बजे षोड्शोपचार पूजा और मंगला आरती

वट सावित्री व्रत को लेकर सुबह से ही मंदिर में भक्तों, विशेषकर महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई थी:

  • महास्नान और शृंगार: सुबह ठीक 5:00 बजे सेवाइत परिवार के पं. बच्चा पाठक ने बाबा गरीबनाथ की षोड्शोपचार विधि से विशेष पूजा-अर्चना की. बाबा को दूध, दही, गंगाजल, शहद और घी से महास्नान कराया गया. इसके बाद बाबा का बेला, गुलाब और गेंदा के सुगंधित फूलों से अलौकिक शृंगार किया गया.
  • मंगला आरती: शृंगार के तुरंत बाद बाबा की भव्य मंगला आरती की गई. इस दौरान जलाभिषेक के लिए कतारों में खड़े भक्तों ने गर्भगृह के बाहर से ही बाबा की इस अलौकिक आरती के दर्शन कर पुण्य कमाया. आरती संपन्न होते ही भक्तों द्वारा जलाभिषेक का दौर शुरू हो गया.

परिसर में वट वृक्ष की पूजा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

  • सुहागिनों की भीड़: वट सावित्री व्रत होने के कारण आज मंदिर में महिला भक्तों की खासी तादाद देखने को मिल रही है. सुहागिन महिलाओं ने मंदिर परिसर में स्थापित पवित्र वट (बरगद) वृक्ष की विधि-विधान से पूजा की और पति की लंबी आयु की कामना करते हुए 108 बार कच्चे सूत को तने से लपेटकर परिक्रमा की.
  • बैरिकेडिंग से प्रवेश: अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने और सुलभ दर्शन के लिए प्रशासन व मंदिर प्रबंधन द्वारा बैरिकेडिंग की पुख्ता व्यवस्था की गई है. सभी भक्तों को कतारबद्ध तरीके से ही गर्भगृह में प्रवेश कराकर जलाभिषेक कराया जा रहा है.

दोपहर और रात की आरती का समय (पट खुलने का शेड्यूल)

मरीजों और दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए आज मंदिर का समय कुछ इस प्रकार निर्धारित किया गया है:

  • दोपहर का विश्राम: दोपहर 02:30 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक बाबा की विशेष पूजा और आरती संपन्न करेंगे. इसके बाद बाबा को भोग लगाया जाएगा और गर्भगृह के पट विश्राम के लिए बंद कर दिए जाएंगे.
  • शाम को दोबारा दर्शन: दोपहर के विश्राम के बाद शाम 04:00 बजे गर्भगृह को भक्तों के दर्शन और जलार्पण के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा.
  • रात्रि की प्रधान आरती: रात 09:30 बजे सेवाइत परिवार के पं. आशुतोष पाठक द्वारा बाबा का भव्य रात्रि शृंगार और महाआरती की जाएगी. इस प्रधान आरती के संपन्न होने के बाद गर्भगृह के पट रात भर के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

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Published by: Aaruni Thakur

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