इसीआइएल हैदराबाद के अभियंताओं की टीम इवीएम व वीवीपैट जांचेगी

इसीआइएल हैदराबाद के अभियंताओं की टीम इवीएम व वीवीपैट जांचेगी

जांच को लेकर डीएम ने पदाधिकारी व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विधासभा चुनाव से पूर्व जिले में भंडारित इवीएम व वीवीपैट की प्रथमस्तरीय जांच (एफएलसी) 25 मई से शुरू होगी. यह एक माह तक चलेगी. इसके लिए इसीआइ हैदराबाद से 20 अभियंताओं की टीम जिले में आ रही है. यह जिले के वेयर हाउस में भंडारित कुल बीयू – 13244, सीयू 6246 और वीवीपैट – 6918 सहित 26,408 मशीनों की जांच करेगी. यह कार्य सामान्य दिनों की तरह अवकाश के दिनों में भी होगा. इसके लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम सुब्रत कुमार सेन ने पदाधिकारियों व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करते हुए उन्हें जिम्मेवारी सौंपी है.

राजनैतिक दलाें को दी जानकारी

डीएम ने सभी मान्यताप्राप्त राजनैतिक दलों के अध्यक्ष/सचिव /प्राधिकृत प्रतिनिधियों को 25 मई से प्रारंभ होने वाली जांच के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग (इसीआइ) के मानक संचालन प्रक्रिया व कार्यक्रम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी. साथ ही निर्वाचक सूची से संबंधित बिंदुओं यथा युवाओं, विशेषकर 18-19 वर्ष के युवा, महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण, मंथली पुलिंग डेटा,मृत निर्वाचकों का सत्यापनोपरांत विलोपन आदि बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गयी. जिले का लिंगानुपात संप्रति 910 है. राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्रत्येक मतदान केंद्र हेतु बीएलए -2 की शीघ्र नियुक्ति का भी अनुरोध डीएम द्वारा किया गया. मौके पर एसएसपी सुशील कुमार, डीडीसी श्रेष्ठ अनुपम, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी सत्यप्रिय, इवीएम सह डायरेक्टर डीआरडीए, अवर निर्वाचन पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी व कर्मीगण उपस्थित रहे.

डीडीसी को बनाया पर्यवेक्षक

एफएलसी जांच में सहयोग को लेकर डीडीसी को पर्यवेक्षक बनाया गया है. इसके लिए सभी जरूरी तैयारी को लेकर विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेवारी सौंपी गयी है. इस जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी. इस दौरान सुरक्षा को लेकर एसडीओ पूर्वी को मजिस्ट्रेट के प्रतिनियुक्ति के निर्देश दिये गये. सुरक्षा को लेकर मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी, इंटरनेट आदि की व्यवस्था आयोग के गाइडलाइन के अनुसार किया गया है. इसकी मॉनीटरिंग भारत निर्वाचन आयोग व निर्वाचन विभाग पटना द्वारा की जायेगी. जन प्रतिनिधियों द्वारा चुने गये पांच प्रतिशत इवीएम का मॉकपोल होगा. सभी को डीएम ने निर्देश दिया कि इस संबंध में आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन के तहत बारीकी से अपने जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे. साथ ही प्रतिनियुक्त पदाधिकारी व कर्मी समय से अपने स्थल पर उपस्थित रहेंगे.

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Author: KUMAR GAURAV

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