Land Mutation Pending: दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और परिमार्जन के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है. जिले को मिले 200 नए राजस्व कर्मचारियों की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए 16 अंचलों में पदस्थापना कर दी गई है. जिलाधिकारी (डीएम) ने सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) को नए कर्मियों को तुरंत हल्का आवंटन कर रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है. नए कर्मियों की तैनाती से पिछले दो महीने से सुस्त पड़ी म्यूटेशन और परिमार्जन की प्रक्रिया में तेजी आने की पूरी उम्मीद है.
16 अंचलों में 20 हजार से अधिक आवेदन लंबित
जिले के 16 अंचलों में दाखिल-खारिज के लंबित आवेदनों की संख्या जुलाई महीने में एक बार फिर 20 हजार के पार पहुंच गई है. आवेदनों की यह भारी संख्या प्रशासनिक पदाधिकारियों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई थी. आंकड़ों के मुताबिक, सैकड़ों आवेदन ऐसे हैं जिन्हें पिछले चार-चार महीनों से अंचल कार्यालयों में लंबित रखा गया है. वहीं 75 और 35 दिनों से अधिक समय से अटके आवेदनों की संख्या भी 26 सौ से अधिक हो चुकी है. विभागीय नियमावली के अनुसार, केवल अत्यधिक जटिल या अदालती विवाद से जुड़े मामलों में ही निर्धारित समय से अतिरिक्त समय लेने का प्रावधान है. जबकि सामान्य और स्पष्ट मामलों का निष्पादन तीन सप्ताह यानी 21 दिन के भीतर करना अनिवार्य है. इसके बावजूद लापरवाही और कर्मियों की कमी के कारण लंबित मामलों का आंकड़ा बढ़कर 20 हजार 702 तक पहुंच गया था.
डीएम की सख्त चेतावनी, नहीं चलेगी हीलाहवाली
डीएम ने स्पष्ट किया है कि नए राजस्व कर्मचारियों के योगदान देने से अब काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे समय सीमा से बाहर जा चुके आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं. नए राजस्व कर्मचारियों की तैनाती से आम लोगों को अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिलेगी और लंबे समय से अटके पड़े मामलों का पारदर्शी तरीके से त्वरित निष्पादन संभव हो सकेगा.
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