160 की स्पीड, हवाई जहाज जैसी बोगी… बिहार के रैपिड रेल में क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

बिहार सरकार राज्य में पहली बार रैपिड रेल नेटवर्क विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. पटना को चार प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजना है, जिसमें 160-180 किमी/घंटा की गति से ट्रेनें चलेंगी. यात्रियों को फ्लाइट जैसी सुविधाएं मिलेंगी.

Rapid Rail Facility: बिहार सरकार ने राज्य में पहली बार रैपिड रेल नेटवर्क विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. 8 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में चार प्रमुख कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार कराने को मंजूरी दी गई है. यानी फिलहाल परियोजना योजना और सर्वे के चरण में है, ट्रेनों का संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है. 

इन 4 रूटों पर प्रस्तावित है रैपिड रेल

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पटना को चार प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजना बनाई गई है:

  1. पटना – मुजफ्फरपुर
  2. पटना – गया
  3. पटना – आरा
  4. पटना – बेगूसराय 

सरकार का उद्देश्य इन शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और नियमित रेल सेवा उपलब्ध कराना है.

यात्रियों को क्या-क्या सुविधाएं मिल सकती हैं?

रैपिड रेल में हवाई जहाज जैसी बोगी, रिक्लाइनर सीट की सुविधा, फोटो- AI

अभी अंतिम डिजाइन जारी नहीं हुई है, लेकिन भारत में चल रही रैपिड रेल (RRTS) प्रणालियों के आधार पर संभावित सुविधाएं होंगी:

  • 160–180 किमी/घंटा तक की डिजाइन स्पीड
  • पूरी तरह एयर कंडीशंड ट्रेनें
  • आरामदायक और अधिक सीटें
  • महिलाओं के लिए अलग कोच
  • दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधा
  • CCTV और 24×7 सुरक्षा
  • वाई-फाई और मोबाइल चार्जिंग
  • डिजिटल टिकटिंग और स्मार्ट कार्ड
  • एस्केलेटर और लिफ्ट वाले स्टेशन
  • पार्किंग और बस/मेट्रो से कनेक्टिविटी

अंतिम सुविधाएं डीपीआर और परियोजना के विस्तृत डिजाइन के बाद तय होंगी. 

किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?

  • पटना आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोग
  • कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र
  • व्यापारियों और कारोबारी वर्ग
  • सरकारी कर्मचारी
  • मरीज और उनके परिजन
  • रोजाना इंटरसिटी यात्रा करने वाले यात्री

अभी क्या स्थिति है?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रैपिड रेल को लेकर अभी सिर्फ डीपीआर तैयार करने की मंजूरी मिली है. इसका मतलब है कि न तो रूट का अंतिम अलाइनमेंट तय हुआ है और न ही स्टेशनों की सूची या निर्माण की समय-सीमा घोषित की गई है. इन सभी जानकारियों का खुलासा डीपीआर पूरी होने के बाद किया जाएगा.

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कब तक शुरू होगी सेवा?

अभी सरकार ने केवल डीपीआर तैयार करने की मंजूरी दी है.

परियोजना की अगली प्रक्रिया ये होगी:

  • विस्तृत सर्वे
  • तकनीकी अध्ययन
  • लागत का आकलन
  • फंडिंग की मंजूरी
  • टेंडर और निर्माण

इसलिए अभी संचालन की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है. डीपीआर तैयार होने और मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा. 

कितना कम होगा सफर का समय?

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले कहा था कि रैपिड रेल शुरू होने के बाद पटना से:

  • मुजफ्फरपुर
  • गया
  • बेगूसराय
  • (और भविष्य की योजना में राजगीर)

जैसे शहरों तक यात्रा लगभग 40 मिनट में पूरी करने का लक्ष्य है. हालांकि यह लक्ष्य परियोजना पूरी होने के बाद ही संभव होगा.

रैपिड रेल और सामान्य ट्रेन में क्या अंतर होगा?

सामान्य ट्रेनरैपिड रेल
लंबी दूरी की यात्रारोजाना अप-डाउन करने वालों पर फोकस
अधिक स्टॉपेजसीमित स्टॉपेज
कम औसत गतिअधिक गति
निश्चित अंतराल नहींकम अंतराल पर नियमित सेवा
पारंपरिक टिकटिंगआधुनिक डिजिटल टिकटिंग

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लेखक के बारे में

By अनिकेत कुमार

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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