मुजफ्फरपुर : अहियापुर में जिंदा जलायी गयी छात्रा की मौत के बाद अब प्राथमिकी में हत्या की धारा जोड़ दी गयी है. पुलिस की अर्जी पर कोर्ट में उक्त धारा को जोड़ा गया है. सिटी एसपी पीके मंडल ने बताया कि मामले में हत्या की धारा जोड़ी गयी है. मामले में पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी.
इधर, मामले की जांच में पुलिस की एक और बड़ी लापरवाही सामने आयी है. बताया जाता है कि छात्रा का बयान लेने में सबूत के तौर पर जिस वीडियो कैमरे का इस्तेमाल किया गया था, उसे आठ दिन बाद भी पुलिस ने कोर्ट में जमा नहीं कराया है. कानून के जानकार इसे बड़ी चूक बता रहे हैं. इसको लेकर परिजन बयान से छेड़छाड़ की आशंका जता रहे हैं. देखें पेज 02 भी
इस घटना में पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष अस्पताल में दर्ज कराया गया वीडियोग्राफी का बयान काफी अहम साक्ष्य है. कानूनी भाषा में इसे डाइंग डिक्लेरेयशन कहा जाता है. आइपीसी की धारा 65 बी के तहत बयान के लिए प्रयोग किया गया मोबाइल या वीडियो कैमरा को प्रदर्श के रूप में जमा करना आवश्यक था. पीड़िता का वॉयस सैंपल का भी होना जरूरी है.
