मुजफ्फरपुर : कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर अहियापुर के संगमघाट पर बूढ़ी गंडक में नहाने गये पांच लोग मंगलवार की सुबह तेज धारा में बह गये. स्थानीय गोताखोंरो ने तीन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. वहीं, चचेरे भाई- बहन का देर शाम तक पता नहीं चल पाया.
उनकी पहचान कोल्हुआ पैगम्बरपुर के विजय भगत के पुत्र राहुल कुमार (10 वर्ष) व उसकी भतीजी संजना कुमारी (12 वर्ष ) के रूप में किया गया . बच्चे के डूबने की सूचना के बाद भी एसडीआरएफ की टीम के नहीं पहुंचने के कारण परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गये. सभी संगमघाट पुल पर एनएच को दोनों तरफ से जाम कर प्रदर्शन करने लगे. हंगामे की सूचना पर कांटी सीओ व अहियापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची.
स्थानीय जनप्रतिनिधि व पुलिस के समझाने के बाद हंगामा शांत हुआ. देर शाम तक एसडीआरएफ व स्थानीय नाविक दोनों बच्चों की तलाश में जुटी रही लेकिन, उनका सुराग हासिल नहीं हो पाया.इस दौरान कांटी सीओ व अन्य प्रशासन के पदाधिकारी मौके पर जमे रहे.
राहुल व संजना को बचाने के लिए नदी में कूदे थे परिवार के तीन लोग : नहाने के दौरान राहुल व संजना नदी की तेज धारा में बहने लगे. उनको बजाने के लिए संजना की मां व राहुल की बहन नदी में कुद गये. पांचों को तेज धारा में बहता देख बगल में नहा रहे लोगों तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. वहीं राहुल व संजना नदी में डूब गयी.
गोताखोर व महाजाल नहीं पहुंचने से भड़का परिजनों का आक्रोश : राहुल व संजना के पानी में डुबने के चार घंटे के बाद भी मौके पर प्रशासन की गोताखोर व महाजाल नहीं पहुंची थी. वहीं, एसडीआरएफ की टीम के एक सिलेंडर का गैस भी दस मिनट के बाद खत्म हो गया . इससे परिजनों का आक्रोश भड़क गया. एनएच जाम व हंगामे के बाद पहुंची एनडीआरएफ की टीम व स्थानीय पुलिस को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने एसडीआरएफ की टीम के साथ धक्का- मुक्की व बदसलूकी भी की.
संजना के मां के अलावा नहीं है कोई : संजना के पिता की मौत कुछ दिन पहले हो गयी थी. मां ही उसकी लालन पालन कर रही थी. अब वह भी नदी में लापता हो गयी. आंख के सामने पुत्री को नदी की तेज धारा में बहता देख उसे बचाने के लिए मां नदी में कुद गयी. तबतक नदी की तेज धारा पुत्री को बहा ले गया. पानी में वह भी डुबने लगी. बगल में नहा रहे रतन कुमार उसे बचा कर पानी से निकाल लिया.
