नवरुणा हत्याकांड : गुत्थी सुलझाने वाले को दस लाख

मुजफ्फरपुर : चर्चित नवरुणा हत्याकांड की तह तक जाने के लिए सीबीआइ ने अब इनाम का सहारा लिया है. सीबीआइ ने नवरुणा के अपहरण और उसकी हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद करने वाले को दस लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. सीबीआइ की ओर से दस लाख रुपये के इनाम की […]

मुजफ्फरपुर : चर्चित नवरुणा हत्याकांड की तह तक जाने के लिए सीबीआइ ने अब इनाम का सहारा लिया है. सीबीआइ ने नवरुणा के अपहरण और उसकी हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद करने वाले को दस लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. सीबीआइ की ओर से दस लाख रुपये के इनाम की घोषणा का पोस्टर बुधवार को मुजफ्फरपुर के सार्वजनिक स्थलों पर चिपकाया गया.
शहर के जवाहर लाल रोड निवासी नवरुणा के अपहरण और हत्या के मामले की जांच सीबीआइ करीब साढ़े पांच साल कर रही है. इस मामले में अब तक उसके हाथ खाली हैं. शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सदर अस्पताल व कई चौक-चौराहों पर सीबीआइ के आरक्षी अधीक्षक की ओर से पोस्टर चिपकाये गये हैं.
‘सीबीआइ की अपील’ शीर्षक वाले पोस्टर में कहा गया है- नवरुणा चक्रवर्ती उम्र- 12 वर्ष, पुत्री- श्री अतुल्या चक्रवर्ती, निवासी : जवाहर लाल रोड, मुजफ्फरपुर का अपहरण दिनांक 18/19.09.2012 की रात्रि कमरे की खिड़की तोड़कर किया गया तथा दिनांक 26.11.2012 को घर के सामने नाले में लाश मिली.
यदि कोई व्यक्ति नवरुणा के अपहरण व हत्या की गुत्थी सुलझाने में सीबीआइ को मदद करेगा, उसे रुपये दस लाख का इनाम दिया जायेगा. पोस्टर में तीन फोन नंबर, एक मोबाइल नंबर तथा विभागीय इ मेल भी दिये गये हैं.
20 नवंबर तक सीबीआइ को देनी है रिपोर्ट
पुलिस और सीआइडी के बाद नवरुणा कांड की जांच सीबीआइ को सौंपी गयी थी. 14 फरवरी, 2014 को सीबीआइ ने इस मामले की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की.
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट से कुल आठ बार तय मियाद की समय सीमा बढ़ाने की गुजारिश की. अब सीबीआइ को 20 नवंबर तक जांच पूरी कर कोर्ट में रिपोर्ट देनी है. इस कांड की तह तक पहुंचने के लिए सीबीआइ ने शहर के एक वार्ड पार्षद सहित अन्य कई रसूखदार लोगों से पूछताछ की थी और बाद में उन्हें जेल भी भेजा गया था. लेकिन,साक्ष्य के अभाव में उन लोगों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी.
नवरुणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती ने कहा है कि उन्होंने पुलिस व सीबीआइ को इस कांड से जुड़े सभी सबूत और कॉल डिटेल उपलब्ध करा चुका हूं. लेकिन, सीबीआइ ने चुप्पी साध ली. इनाम तो मुझे मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड में भी सीबीआइ इनाम निकाल कर चुप बैठ गयी. उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है.

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