कोर्ट, अस्पताल व शैक्षणिक संस्थानों के सौ मीटर के अंदर पटाखे चलाने पर रोेक

मुजफ्फरपुर : कम आवाज व कम धुआं वाले पटाखों का ही निर्माण व बिक्री की जायेगी. इसके अलावा पटाखों के निर्माण में बेरियम के उपयोग को वर्जित कर दिया गया है. साथ ही ऑनलाइन इ-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से पटाखों की बिक्री को भी प्रतिबंधित किया गया है. एसएसपी मनोज कुमार ने इस संबंध में […]

मुजफ्फरपुर : कम आवाज व कम धुआं वाले पटाखों का ही निर्माण व बिक्री की जायेगी. इसके अलावा पटाखों के निर्माण में बेरियम के उपयोग को वर्जित कर दिया गया है. साथ ही ऑनलाइन इ-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से पटाखों की बिक्री को भी प्रतिबंधित किया गया है.

एसएसपी मनोज कुमार ने इस संबंध में सिटी एसपी, डीएसपी व एसडीपीओ सहित सभी थानेदारों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है. इसमें कहा है कि दीपावली व अन्य त्योहारों के मौके पर पटाखों के उपयोग से उत्पन्न ध्वनि व वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है, सभी पुलिस पदाधिकारी उस आदेश का पालन कराएं.
अधिक शोर, वायु प्रदूषण व अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले पटाखों के निर्माण व उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. ऐसे ही पटाखों की बिक्री की जायेगी, जिसे हाइकोर्ट ने आदेश दिया है. इसके बाद भी इन पटाखों का उपयोग रात आठ से दस बजे तक ही किया जायेगा. सामुदायिक आतिशबाजी को प्रोत्साहित करने के लिए स्थलों का चयन कर आम लोगों को पूर्व में सूचना देनी है.
अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, सचिवालय, राज भवन, जैविक उद्यान आदि के 100 मीटर के दायरे में शोर उत्पन्न करने वाले किसी भी प्रकार के पटाखे का उपयोग नहीं किया जायेगा. इस निर्देश का पालन शादी-विवाह के मौके पर भी किया जाना है. इस निर्देश की विशेष जिम्मेवारी विशेषकर पुलिस को दी गयी है.
थानेदार को यह सुनिश्चित करना है कि पटाखों का प्रयोग केवल निर्धारित स्थल व समय के दौरान ही किया जाये. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार इसके लिए सीधे तौर पर थानेदारों जबावदेह होंगे. ऐसा नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मामला समझा जायेगा.
अधिक आवाज व वायू प्रदूषण करने वाले पटाखों को किया
गया प्रतिबंधित
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसएसपी ने पुलिस पदाधिकारियों व थानेदारों को दिया निर्देश

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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