कैद में है कश्मीर की जनता: सच्चिदानंद

मुजफ्फरपुर : अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीरियत, इंसानियत और जम्हूरियत का नारा दिया था. आज की भाजपा ने आरएसएस के दबाव में इन तीनों पर इकठ्ठे प्रहार किया है. यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है. इसे आज के विकास और उत्पन्न पर्यावरण संकट को सामने रखकर देखने की जरूरत है. यह कहना है प्रमुख समाजवादी […]

मुजफ्फरपुर : अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीरियत, इंसानियत और जम्हूरियत का नारा दिया था. आज की भाजपा ने आरएसएस के दबाव में इन तीनों पर इकठ्ठे प्रहार किया है. यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है. इसे आज के विकास और उत्पन्न पर्यावरण संकट को सामने रखकर देखने की जरूरत है. यह कहना है प्रमुख समाजवादी चिंतक व लेखक सच्चिदानंद सिन्हा का. वे रविवार को समाजवादी जन परिषद की ओर से कम्युनिटी कॉलेज में आयोजित कश्मीर पर चर्चा में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे.

सच्चिदा बाबू ने कहा कि आज जनता के अधिकार को खत्म किया जा रहा है. लगभग डेढ़ महीने से कश्मीर को कैदखाना बनाकर रखा गया है. यह प्रयोग कल दूसरी जगहों पर भी दोहराया जा सकता है. कहा कि जनता का अधिकार विक्रेंदित सत्ता तंत्र में ही सुरक्षित रहता है. लोहिया ने इसे विस्तार से परिभाषित किया है. पूर्व प्राचार्य प्रो अबुजर कमालुद्दीन ने कहा कि कश्मीर पर वस्तुनिष्ठ न होकर हम भावनात्मक होकर सोचते हैं. वहां हिंदू-मुसलिम समस्या नहीं है.
प्रो अवधेश कुमार ने कहा कि आज कश्मीर से कोई समाचार बाहर नहीं आने दिया जा रहा है. अरविंद वरुण ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने कश्मीर समस्या का समाधान जनमत संग्रह से कराने का सुझाव दिया था. लेकिन आज केंद्र सरकार उसे गलत तरीके से प्रस्तुत देश काे भ्रमित कर रही है. अध्यक्षता गांधीवादी विचारक लक्षणदेव प्रसाद सिंह ने ने की.
संचालन प्रो प्रमोद कुमार ने किया. स्वागत नीरज सिंह व धन्यवाद परिषद के संयोजक भगत नारायण राय ने किया. चर्चा में प्रो हरिश्चंद्र सत्यार्थी, प्रो केके झा, अच्युतानंद किशोर नवीन, कुंदन कुमार, अनिल शंकर ठाकुर, रमेश चंद्रा, वंदना शर्मा, डॉ साकेत कुमार, राजेंद्र चौधरी, ललितेश्वर मिश्रा, अंकित आनंद, डॉ कृष्णमोहन, मधुमंगल ठाकुर, सुरेश गुप्ता, जालंधर यदुवंशी, नवल किशोर आदि ने भी विचार व्यक्त किया.

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